चैत्र नवरात्रों के आठवें दिन अष्टमी और नवमी दोनों एक साथ मनाई गई। सोलन की अधिष्ठात्री मां शूलिनी मंदिर में भक्तों की कतारें सुबह से ही लगना शुरू हो गईं थीं। मंदिर में ढोल चिमटों की तान पर श्रद्धालु झूमते रहे। इसके अलावा लोगों ने अपने घरों और मंदिरों में जाकर पूजा अर्चना की तथा माता रानी का आशीर्वाद लिया। सनातन धर्म मंदिर रबौण के अलावा जटोली मंदिर और मां दुर्गा मंदिर आदि स्थानों पर भक्तों की लंबी कतारें
लगी रहीं।
मां दुर्गा के आठवें स्वरूप महागौरी की भक्तों ने उपासना की गई और कंजिका पूजन किया। नवरात्रों में भगवती दुर्गा के नौ रूपों की उपासना की जाती है। ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक चैत्र नवरात्रों में इस बार अष्टमी और रामनवमी मंगलवार को एक साथ आई थी। सुबह 11:20 मिनट तक अष्टमी और उसके बाद रामनवमी शुरू हुई। इसी के चलते कई भक्तों ने मंगलवार को अष्टमी और नवमी का पर्व मनाया। कुछ भक्तों ने दुर्गाष्टमी का ही पर्व मनाया। मंदिरों में कथाओं का आयोजन चल रहा है।
मां दुर्गा के आठवें विग्रह का नाम महागौरी है और दुर्गा पूजा के आठवें दिन महागौरी की उपासना का विधान है। इनकी शक्ति अमोघ और सदा फलादायिनी है। इनकी उपासना से भक्तों के सभी कल्मष धुल जाते है, पूर्व संचित पाप भी नष्ट जाते हैं। पाप-संताप, दैन्य-दुख उनके पास भी नहीं फटकते। वह सभी प्रकार से पवित्र और अक्षय पुण्यों का अधिकारी हो जाता है। इनका वर्ण पूर्णत: गौर है और इस गौरता की उपमा शंख, चंद्र तथा कुंद के फूल से दी गई है। इनकी आयु आठ वर्ष की मानी गई है।
धर्मपुर में लगाया गया भंडारा
धर्मपुर (सोलन)। चैत्र नवरात्र की नवमी पर धर्मपुर में स्थानीय व्यापार मंडल की तरफ से मनसा माता मेला का आयोजन किया गया। इसमें भंडारे से पहले मनसा देवी की पूजा अर्चना की गई। इसके बाद प्रसाद का भोग लगाया गया। इस दौरान नरेश, वेद, बृज लाल, अनिल, हैप्पी, रजनीश, विनोद, विकास, अनिल, महेंद्र, कुलदीप, रमन और महेंद्र आदि मौजूद रहे।