फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नगर निगम के प्रस्ताव का विरोध, पंचायत प्रतिनिधि लामबंद

Fri, 22 Apr 2016 07:54 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सोलन
विज्ञापन
नगर निगम बनने की कवायद का सोलन के साथ लगती पंचायतों में विरोध होना शुरू हो गया है। - फोटो : Demo Pic
विज्ञापन
नगर निगम बनने की कवायद का सोलन के साथ लगती पंचायतों में विरोध होना शुरू हो गया है। नगदी पैदावार वाले कृषि प्रधान क्षेत्रों के लोगों ने नगर निगम में मर्ज होने की संभावनाओं को देखते हुए आंदोलन की तैयारी कर ली है। शुक्रवार को कुछ पंचायत प्रधानों ने बैठक कर नगर निगम में शामिल न होने का प्रस्ताव पारित किया।
विज्ञापन


तर्क दिया कि सोलन शहर के साथ लगते ग्रामीण क्षेत्रों में सरकार किसानों को तमाम सुविधाएं तथा अपदान योजनाओं से लाभान्वित कर रही है। अगर नगर निगम के दायरे में आए तो वह इन योजनाओं से वंचित रहेंगे। इसके अलावा बिजली-पानी महंगा होने के साथ कई तरह के टैक्स भी उन पर थोपे जाएंगे। इसका वह पुरजोर विरोध करते हैं। सोमवार को एक प्रतिनिधिमंडल डीसी सोलन को ज्ञापन सौंपकर क्षेत्रों को शामिल न करने की मांग करेगा।
प्रतिनिधियों का मानना है कि यदि सोलन नगर निगम बनता है तो इसमें उनका पंचायत क्षेत्र भी विलय होने का पंचायत प्रतिनिधि पूरे जोर से विरोध करेंगे। उनका मानना है कि अगर पंचायत क्षेत्र नगर निगम में विलय होता है तो इससे यहां के ग्रामीणों को भारी कठिनाईयों का सामना करना पड़ेगा। समय-समय पर कृषकों के लिए विभिन्न सरकारी योजनाएं दी जाती हैं लेकिन नगर निगम बनने पर कृषकों को इससे वंचित रहना पड़ेगा।
विज्ञापन


जमीन बेचने को किसान होंगे मजबूर
बैठक में मौजूद बसाल पंचायत के प्रधान दवेंद्र कश्यप, पड़ग प्रधान जगदीश वर्मा, करुणा, सैरी प्रधान देविंद्र, शामती के प्रधान संजीव, बलवीर ठाकुर, मीना, गीता राम, लक्ष्मी, किरण किशोर, अरुण ठाकुर और मदन मेहता ने कहा कि वर्तमान में बसाल, कथेड़, आंजी तथा शामती आदि क्षेत्रों में टमाटर की काफी पैदावार होती है। मटर और शिमला मिर्च के बाहुल क्षेत्र भी यही हैं। इन क्षेत्रों को नगर निगम में मर्ज किया तो सरकारी योजनाओं से वंचित रहना पड़ेगा। कारणवश लोग कृषि छोड़ने को मजबूर हो जाएंगे।

सोमवार को सौंपेंगे डीसी को मांगपत्र
क्षेत्र के पंचायत प्रतिनिधि ग्रामीणों के साथ मिलकर क्षेत्रों को नगर निगम में मर्ज करने की कवायद के विरोध स्वरूप डीसी सोलन को मांगपत्र सौंपेंगे। वहीं बसाल पंचायत के प्रधान देवेंद्र कश्यप ने कहा कि अगर इसके बावजूद प्रशासन नहीं माना तो प्रभावित क्षेत्रों के जनप्रतिनिधि और कृषक मिलकर संघर्ष समिति का गठन करके संघर्ष करेंगे।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें