क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में महिला होमगार्ड से बहस-बाजी करते तीमारदार। संवाद
सोलन। क्षेत्रीय अस्पताल में शुक्रवार को गायनी ओपीडी के बाहर अपनी बारी को लेकर मरीजों में बहसबाजी हो गई। मरीजों का आरोप था कि वह सुबह से कतारों में लगे रहे, मगर दोपहर तक उनकी बारी नहीं आई, जबकि कुछ मरीज जो वहां पर देरी से आए, उनका नंबर पहले आ गया। उनका कहना था कि ओपीडी के बाहर होमगार्ड भी तैनात नहीं था। जिससे मनमर्जी से लोग जांच के लिए जा रहे थे। हालांकि जब बहसबाजी बढ़ी तो वहां पर दूसरी ओपीडी से महिला होमगार्ड कर्मी को भेजा गया। वहीं उसके साथ भी कुछ मरीजों ने बहसबाजी की और अपनी बारी न आने को लेकर सवाल उठाए। हालांकि बाद में महिला होमगार्ड कर्मी ने लोगों को उनकी पर्ची के अनुसार नंबर आने की बात कहकर मामला शांत करवाया। करीब 15 मिनट तक ओपीडी में बहसबाजी चलती रही।
क्षेत्रीय अस्पताल में रोजाना सैकड़ों मरीजाें का आवाजाही रहती है। ज्यादातर मरीज सुबह जल्दी इसलिए भी पहुंच जाते हैं ताकि उनका नंबर ओपीडी में समय पर आ जाए। मगर अक्सर यहां पर घंटों कतारों में लगने के बाद भी जब मरीजों का नंबर नहीं आता तो ओपीडी के बाहर हंगामा शुरू हो जाता है। वहीं कुछ समय पहले अस्पताल प्रशासन ने ओपीडी के बाहर टोकन सिस्टम शुरू किया था। जिससे ओपीडी में चल रही पर्ची का बाहर डिस्प्ले पर नंबर आ जाता था, मगर गायनी ओपीडी के बाहर वह सिस्टम भी ठप पड़ा है, जिससे मरीज अक्सर आरोप लगाते हैं कि वहां पर मनमर्जी से मरीजों का नंबर लगाया जाता है।
उधर, इस बारे में क्षेत्रीय अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ एसएल वर्मा ने कहा कि गायनी ओपीडी के बाहर मरीजों के बीच बहसबाजी का पता चलते ही वहां पर महिला होमगार्ड कर्मी को भेज दिया गया था। गायनी वार्ड के साथ ही कई ओपीडी हैं, जिससे गायनी ओपीडी में मरीजों की काफी भीड़ लगी रहती है। अस्पताल में पर्ची सिस्टम से ही सभी मरीजों का नंबर लगाया जाता है, कई बार मरीज बेवजह ही थोड़ी देरी होने पर बहसबाजी पर उतर आते हैं।