भारत विकास परिषद ने मरीजों को गुमराह करने के लगाए आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी (सोलन)। भारत विकास परिषद ने ईएसआईसी अस्पताल बद्दी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिषद के अध्यक्ष रमन कौशल और सचिव देवव्रत यादव ने कहा कि अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को प्रबंधन और उनकी टीम गुमराह कर रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि मरीजों को किसी न किसी तकनीकी बहाने का हवाला देकर वापस भेजा जा रहा है। परिषद के पदाधिकारियों के अनुसार ऐसे कई मामलों की जानकारी उन्हें मिली है। सेवानिवृत्त सहायक निदेशक, ईएसआईसी कार्यालय देवव्रत यादव ने कहा कि काठा स्थित ईएसआईसी अस्पताल में मरीजों के साथ उचित व्यवहार नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि अस्पताल की कार्यप्रणाली से परेशान कई मरीज शिकायतें लेकर भारत विकास परिषद से संपर्क कर रहे हैं।
यादव ने बताया कि अस्पताल में उपचार से जुड़ा एक मामला दिल्ली हाईकोर्ट में विचाराधीन है। उस मामले में ईएसआईसी का पक्ष यह है कि जब तक बीमित व्यक्ति के छह माह और 78 दिन का अंशदान और उसके परिवार के लिए एक वर्ष और 156 दिन का अंशदान पूरा नहीं होता, तब तक वे इलाज के हकदार नहीं होंगे।
इस विषय पर ईएसआईसी के उप चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुरगीत टंडन ने कहा कि कुछ मामलों में गंभीर बीमारियों के लिए उपचार केस-टू-केस आधार पर किया जाता है। ऐसे मामलों में तकनीकी पक्षों की गहन समीक्षा आवश्यक होती है। इसके बाद ही उपचार प्रक्रिया शुरू की जाती है।