धगड़ गांव में सीवरेज लाइन का कार्य करती जेसीबी। संवाद
32 करोड़ की सीवरेज परियोजना का काम अंतिम चरण में
धग्गड़ गांव को सीवरेज लाइन से जोड़ने का चल रहा काम
संवाद न्यूज एजेंसी
परवाणू (सोलन)। औद्योगिक नगरी परवाणू और साथ लगती टकसाल पंचायत को गंदगी मुक्त करने के लिए जलशक्ति विभाग ने कमर कस ली है। करीब 32 करोड़ रुपये की लागत से बिछाई जा रही सीवरेज पाइपलाइन का कार्य अब अपने अंतिम चरण की ओर है। विभाग ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से हरी झंडी मिलने के बाद अब धग्गड़ और अंबोटा गांव को भी इस नेटवर्क से जोड़ने का काम शुरू कर दिया है। परियोजना को सुचारू रूप से चलाने के लिए पूरे क्षेत्र को दो चरणों में विभाजित किया गया है। पहला चरण यानी जोन एक में सेक्टर एक ए, दो, तीन, चार, पांच, छह समेत टकसाल पंचायत के धग्गड़ और टकसाल गांव को शामिल किया गया है। वहीं जोन दो में नगर परिषद परवाणू के सेक्टर तीन का कुछ क्षेत्र सेक्टर एक, ऊंचा परवाणू, देहली, पूरला, कामली, खड़ीन और टिपरा को जोड़ा गया है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार क्षेत्र में पाइपलाइन बिछाने का लगभग 90 प्रतिशत कार्य संपन्न हो चुका है और अधिकतर हिस्सों में लाइन चालू भी कर दी गई है। वर्ष 2020 में शुरू हुई इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत क्षेत्र में दो अत्याधुनिक सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाए जा रहे हैं। इसका मुख्य उद्देश्य परवाणू को सेप्टिक टैंकों से मुक्ति दिलाना और जल स्रोतों को प्रदूषण से बचाना है। इस परियोजना के पूर्ण होने से न केवल स्वच्छता व्यवस्था बेहतर होगी, बल्कि औद्योगिक क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण को भी नई मजबूती मिलेगी।
कोट
परवाणू और टकसाल पंचायत के अधिकतर क्षेत्रों को सीवरेज नेटवर्क से जोड़ दिया गया है। धग्गड़ गांव में मंजूरी मिलने के बाद काम शुरू कर दिया गया है। करोड़ों की इस लागत से क्षेत्र की स्वच्छता व्यवस्था में बड़ा सुधार आएगा। -राहुल, अभियंता, जलशक्ति विभाग