स्वास्थ्य विभाग ने पीआईपी के तहत योजना को नहीं दी मंजूरी
पल्स पोलियो अभियान की ब्रांडिंग करने के लिए भी नहीं मिला पैसा
28 जून को होगा अभियान, पुराने बजट से ही चलाना पड़ रहा काम
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। स्वास्थ्य विभाग के अभियानों को संचालित करने के लिए पर्याप्त बजट नहीं है। जिला स्वास्थ्य विभाग की ओर से कई बार मांग करने के बावजूद बजट न मिलने के कारण अब पुराने बजट में बचे हुए धन से ही कार्य चलाया जा रहा है। विभाग की ओर से कार्यक्रम कार्यान्वयन योजना (पीआईपी) के तहत योजना बनाकर भेजने के बाद भी मंजूरी मिलने में देरी हो रही है।
विभाग की ओर से पल्स पोलियो अभियान शुरू किया जा रहा है, लेकिन उसकी ब्रांडिंग और बूथ स्थापना के लिए भी बजट की कमी महसूस की जा रही है। विभाग को हर वर्ष वित्तीय वर्ष की शुरुआत में पीआईपी के तहत बजट आवंटित किया जाता है। इसके तहत अभियानों के संचालन के लिए राशि उपलब्ध करवाई जाती है, लेकिन अब तीन माह पूरे होने जा रहे हैं और बजट को अभी तक मंजूरी नहीं मिल पाई है। ऐसे में विभाग की ओर से ब्लॉकों में अधिकारियों को पुराने बजट में बचे हुए धन से ही काम चलाने के निर्देश दिए जा रहे हैं।
जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. गगन ने बताया कि 28 जून से पल्स पोलियो अभियान शुरू होने वाला है। विभाग की ओर से पीआईपी के तहत बजट के लिए मांग भेजी गई है। समय-समय पर रिमाइंडर भी भेजे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पुराने बजट में बचे धन से ही अभियान को पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। ब्लॉक स्तर के अधिकारियों को भी उपलब्ध राशि से ही अभियान संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग का प्रयास है कि जल्द से जल्द बजट स्वीकृत हो, ताकि सभी अभियानों का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सके।