बिल काउंटर भी एक होने से घंटों खड़े रहते हैं मरीज
पर्ची काउंटर पर सुबह ही लग जाती हैं लंबी-लंबी लाइनें
वरिष्ठ नागरिक और गर्भवती महिलाओं को नहीं मिल रही अलग सुविधा
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। गर्मी बढ़ने के साथ ही क्षेत्रीय अस्पताल में ओपीडी भी बढ़नी शुरू हो गई है। रोजाना 1500 से अधिक मरीज अस्पताल में जांच करवाने पहुंच रहे हैं। लेकिन मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। हालत यह है कि अस्पताल में मरीजों को धक्के खाने पर मजबूर होना पड़ रहा है। अस्पताल में पर्ची काउंटर से ही मरीजों की परेशानियां शुरू हो जाती हैं। अस्पताल में पर्ची, दवा और बिलिंग काउंटर एक-एक ही है। यहां पर मरीजों का सारा समय खराब हो जाता है। हैरत की बात तो यह है कि वरिष्ठ नागरिक और गर्भवती महिलाओं को भी काउंटर के बाहर लगी लंबी लाइन में खड़ा होना पड़ता है। इनके लिए भी अलग से कोई व्यवस्था अस्पताल में नहीं हैं।
यहीं नहीं अधिक भीड़ होने के कारण अस्पताल में बारी को लेकर झगड़े भी हो रहे हैं। कभी बारी को लेकर बुजुर्ग आपस में झगड़ रहे हैं तो कभी युवा और महिलाओं की बहस होती है। सुरक्षा व्यवस्था को बनाने के लिए तीन काउंटर को देखने के लिए भी एक सुरक्षा कर्मी तैनात रहता है। यह कर्मी भी यहां नाकाफी साबित हो रहा है। अस्पताल प्रशासन की माने तो बीते कई माह से अस्पताल में स्टाफ कम है। स्वास्थ्य मंत्री के गृह क्षेत्र का सबसे बड़ा अस्पताल होने के बाद भी यहां पर स्टाफ की पूर्ति न होना अपने आप में एक बड़ा सवाल है। चुनाव के दौरान नेता बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने की बात तो कर जाते हैं। लेकिन चुनाव के बाद अस्पताल में क्या हो रहा है इसका पता भी नहीं लगाते हैं। इसका खामियाजा अस्पताल आने वाले मरीजों को भुगतना पड़ता है।
गौर रहे कि क्षेत्रीय अस्पताल जिले का सबसे बड़ा अस्पताल है। यहां पर सोलन ही नहीं बल्कि जिला शिमला और सिरमौर के कुछ क्षेत्रों से मरीज उपचार के लिए आते हैं। इन दिनों अस्पताल में सुबह से ही पर्ची काउंटर पर मरीजों की काफी भीड़ उमड़ जाती है। इसके बाद ओपीडी के बाहर भी यही हालत रहती है। वहीं दवा काउंटर पर भी करीब 10:00 बजे से कतारें लग जाती हैं। दवा लेने के लिए महिला, पुरुष, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को भी इसी कतार में लगना पड़ता है।
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अलग-अलग होते थे काउंटर
क्षेत्रीय अस्पताल में पहले पर्ची बनाने के लिए वरिष्ठ नागरिक के लिए अलग और अन्य के लिए अलग-अलग पर्ची काउंटर थे। इसी तरह दवा काउंटर भी महिला और पुरुष के लिए अलग था। लेकिन अब ऐसा नहीं हैं। सोमवार, मंगलवार और बुधवार को अधिक दिक्कतें मरीजों को आती हैं क्योंकि इन तीन दिनों में अधिक भीड़ अस्पताल में होती है। लेकिन गर्मी के चलते अब पूरे सप्ताह ऐसी ही भीड़ रहती है।
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अस्पताल में मरीजों को कोई दिक्कत न हो इसके लिए ध्यान रखा जा रहा है। जल्द ही पर्ची और दवा काउंटर पर बेहतर सुविधा दी जाएगी। इसके लिए स्टाफ के साथ बैठक कर निर्णय लिया जाएगा।
-डॉ. राजन उप्पल
कार्यकारी चिकित्सा अधीक्षक, सोलन