सोलन। जिले में करीब 2.50 लाख बच्चों की आबादी तीन शिशु रोग विशेषज्ञ के सहारे हैं। ये भी अपनी सेवाएं क्षेत्रीय अस्पताल सोलन, सीएचसी नालागढ़ और ईएसआई अस्पताल परवाणू मेें दे रहे हैं। ऐसे में जिले के दूसरे सरकारी अस्पतालों में शिशु रोग विशेषज्ञ न होने से तीसरी लहर से निपटने में परेशानी झेलनी पड़ सकती है।
हालांकि, जिला स्वास्थ्य विभाग तीसरी लहर से निपटने के लिए पूरी तैयारी का दावा कर रहा है लेकिन जिले में तीन ही शिशु रोग विशेषज्ञ होने से स्वास्थ्य विभाग के दावों पर सवाल उठना लाजिमी है। जिला स्वास्थ्य विभाग ने प्रदेश सरकार व उच्च अधिकारियों को जिले में 10 शिशु रोग विशेषज्ञ तैनात करने के लिए प्रस्ताव भेजा है लेकिन ये पद कब तक भरे जाएंगे, इसका जवाब स्पष्ट नहीं है।
कोरोना वायरस की तीसरी लहर बच्चों पर भारी बताई जा रही है। इस लहर से निपटने के लिए सरकार और स्वास्थ्य विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। जिले के अस्पतालों में आवश्यक सामान की आवश्यकताओं को पूरा किया जा रहा है। अस्पतालों ऑक्सीजन के लिए छोटे सिलिंडर भी खरीदे जा रहे है, जिले के सबसे बड़े अस्पताल में कोविड वार्ड भी तैयार किया जा रहा है।
हालांकि, अस्पताल में 20 बेड का कोविड वार्ड बनाया है लेकिन तीसरी लहर के लिए अन्य वार्ड भी कोविड वार्ड में बदला जा रहा है। विशेषज्ञों की कमी खलती जा रही है। हैरत की बात यह है कि क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में शिशु रोग चिकित्सक के दो पद सृजित किए हैं लेकिन यहां पर भी एक चिकित्सक के पर ही कार्य चला हुआ है। इस कारण कई बार अस्पताल की ओपीडी के बाहर लाइनें देखने को मिलती है। अस्पताल में विशेषज्ञ दिन-रात सेवाएं दे रहे हैं।
पांच खंडों में नहीं शिशु रोग विशेषज्ञ
जिले में पांच स्वास्थ्य खंड में भी शिशु रोग विशेषज्ञ का अभाव है। हालांकि प्रत्येक खंड में चिकित्सकों को अलर्ट रहने के लिए कहा है और उपचार के लिए सभी आवश्यकताओं को पूरा करने के निर्देश दिए हैं। जिले में धर्मपुर, चंडी, कंडाघाट, अर्की और नालागढ़ चिकित्सा खंड हैं जिनमें पांच सीएचसी, 39 पीएचसी हैं।
एमएमयू में भी पांच चिकित्सक
सोलन में कोविड के दौरान कंधे से कंधा मिलाकर चलने वाले एमएमयू अस्पताल में भी चार से पांच चिकित्सक हैं। जिला स्वास्थ्य विभाग ने इन्हें भी तैयार रहने के लिए कहा है।
भेजा गया है प्रस्ताव : सीएमओ
मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन डॉ. राजन उप्पल ने बताया कि पांचों खंडों में शिशु रोग विशेषज्ञ के पद भरने के लिए प्रस्ताव भेजा है। स्वास्थ्य विभाग तीसरी लहर से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। अस्पतालों में जरूरी आवश्यकताओं को पूरा किया जा रहा है।