शहर में पानी की सप्लाई आईपीएच के हवाले करने का प्रस्ताव नगर परिषद की बैठक में पारित कर दिया। पेयजल संकट से शहर को उबारने से हाथ पीछे खींचते हुए नगर परिषद ने पानी के वितरण का जिम्मा भी आईपीएच को सौंपने की सिफारिश सरकार और विभाग से की है। इसके लिए आईपीएच को तीन माह तक ट्रायल बेसिज पर शहर में पेयजल वितरण संभालने का खाका खींचा गया।
यदि आईपीएच इसमें कामयाब हुआ तो शहर को पेयजल में पानी की लिफ्टिंग के अलावा शहर में वितरण भी आईपीएच ही संभालेगा। हालांकि इस प्रस्ताव पर अंतिम मुहर प्रदेश सरकार की ही लगनी है। अगर ऐसा हुआ तो शहर में पेयजल किल्लत कम होने के आसार हैं। तर्क दिया जा रहा है कि पेयजल लिफ्टिंग और वितरण में दो अलग-अलग एजेंसियों में समन्वय की कमी से शहर विकराल पेयजल संकट का सामना करता है।
तो इसलिए 15 पार्षदों ने जताई सहमति
बैठक में पार्षदों ने कहा कि सोलन में पेयजल संकट का कारण पानी के वितरण को बताया है। हमेशा आईपीएच ने नप की वितरण प्रणाली को आड़े हाथों लेते हुए ठीक से जल वितरण नहीं करने के आरोप लगाए। इस पर नगर परिषद ने अगले तीन महीने पानी की सप्लाई आईपीएच को दिए जाने का प्रस्ताव जनरल हाउस में रखा। वहीं नप अध्यक्ष समेत शहर के सभी 15 वार्डों के पाषर्दों ने आईपीएच को पानी की लिफ्टिंग के साथ पेयजल वितरण का कार्य भी दिए जाने पर सहमती जताई है।
वर्तमान में यह है हाल
वर्तमान में शहर में पानी के मुख्य स्रोतों से स्टोरेज टैंकों तक पानी पहुंचाने का जिम्मा आईपीएच के पास है तो स्टोरेज टैंकों से लेकर शहर की आबादी तक पानी पहुंचाने का जिम्मा नप के पास है। ऐसे में नगर परिषद जहां पानी की कम लिफ्टिंग का तर्क देकर पेयजल किल्लत बता रहा है, वहीं आईपीएच गलत वितरण पेयजल किल्लत कारण बता रहा है। इसका खामियाजा शहर की 40 हजार की आबादी को उठाना पड़ रहा है।
प्रस्ताव की कापी आईपीएच को देंगे : नेगी
नप के कार्यकारी अधिकारी बीआर नेगी ने बताया कि जल्द ही प्रस्ताव की कापी आईपीएच के उच्च अधिकारियों को सौंपी जाएगी। कहा कि विभाग पानी देने में नाकाम साबित हुआ है। आईपीएच अगर पानी की सप्लाई ठीक से करे तो शहर को रोजाना पानी दिया जा सकता है। लेकिन हमेशा विभाग नप को कोसने के सिवाय कुछ नही करता।
उच्च अधिकारी ही फैसला लेंगेे : एसडीओ
आईपीएच के एसडीओ सुभाष चौहान ने कहा कि विभाग खुद चाहता है कि पेयजल वितरण और लिफ्टिंग का जिम्मा किसी एक को मिल जाए। नप के प्रस्ताव पर विभाग के उच्च अधिकारी ही फैसला लेंगे। कहा कि नगर परिषद को दस लाख गैलन पानी रोज दिया जा रहा है। वहीं शहर में हर रोज पानी की सप्लाई नही होती है। ऐसे में अगर हर तीसरे दिन भी पानी सप्लाई किया जाता है तो पूरे शहर की पानी की परेशानी खत्म हो जाए।
टेंडरों को लेकर हुआ विवाद
सोलन। टेंडरों के आवंटन को लेकर नगर परिषद की बैठक में खूब हो हल्ला हुआ। कुछ मनोनीत और अन्य पार्षदों ने टेंडरों को लेकर बंदरबांट के आरोप लगाए। यह निशाना नगर परिषद अध्यक्ष पर साधा गया है। कहा कि इसमें चहेतों को लाभ पहुंचाया जा रहा है। उधर नगर परिषद अध्यक्ष ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। कहा कि आपसी रंजिश को भूलकर शहर के विकास और समस्याओं पर ध्यान देने की जरूरत अधिक है।