ग्रीन पटाखों से कम हुए आगजनी और झुलसने के मामले
दिवाली को लेकर हाई अलर्ट पर था क्षेत्रीय अस्पताल का स्टाफ
रातभर टीम रही मुस्तेद, लोगों की जागरूकता से कम हुए मामले
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। जिलेभर के अस्पतालों में इस बार पटाखे से एक भी व्यक्ति नहीं जख्मी नहीं पहुंचा है। बीते कई वर्षों के मुकाबले पहली बार ऐसा हुआ है। ग्रीन पटाखों के आने से पटाखे की चिंगारी से झुलसने के मामले कम हुए हैं। हालांकि पटाखे के धुएं के कारण सांस लेने में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। अधिकतर परेशानी सांस के रोगियों को इुई। लेकिन धुएं से इन मरीजों ने काफी दूरी बनाई रखी और पूरी एहतियात बरती। इसके चलते श्वास बीमारी से ग्रसित कोई गंभीर मामला अस्पताल नहीं आया। कुल मिलाकर शांतिपूर्ण तरीके से जिलेभर में दीवाली का त्योहार मनाया गया।
गौर रहे कि रविवार को लोगों ने मां लक्ष्मी पूजन के बाद खूब पटाखे और स्काई शॉट समेत अन्य पटाखे चलाए हैं। ऐसे में पटाखे के बारूद से जख्मी होने का डर भी रहता है। इसे लेकर एक सप्ताह पहले ही क्षेत्रीय अस्पताल प्रशासन की ओर से आपातस्थिति के लिए टीम का गठन कर दिया था। इसी के साथ दवाओं की भी पूर्ति कर दी थी। रोस्टर के मुताबिक रविवार रातभर आपातस्थिति में टीम मुस्तैद रहीं। वहीं लोगों में जागरूकता आने से भी इस प्रकार के मामले कम हुए हैं क्योंकि लोगों ने ग्रीन पटाखों के अलावा अन्य कोई भी पटाखा नहीं चलाए।
इनसेट
क्षेत्रीय अस्पताल में दिवाली की रात पटाखे से कोई भी जख्मी होकर नहीं पहुंचा है। हालांकि चिकित्सकों की टीम आपातस्थिति में तैनात थी। यह एक अच्छी बात है कि लोगों ने एहतियात रखकर ही पटाखे चलाए हैं। जिससे किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं आई है।
डॉ. एसएल वर्मा,
चिकित्सा अधीक्षक, क्षेत्रीय अस्पताल सोलन