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Solan News: बिटियां की मौत से नहीं लिया सबक, जान हथेली पर रखकर फर्राटा भर रहे नाबालिग

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बद्दी स्कूल के बच्चे दोपहर बाद छुट्‌टी के दौरान घर जाते हुए  ट्रिपल राईंडिग करते हुए- संवाद। - फोटो : आयुष्मान भारत योजना के लिए तुलसीपुर में चयनित निजी अस्पताल।
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स्कूल छुट्टी होते ही सड़कों पर ट्रिपल राइडिंग और बिना हेलमेट दिख रहे छात्र,
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पुलिस को देख भागने की होड़ में बढ़ रहा हादसों का खतरा
ओमपाल सिंह
बद्दी (सोलन)। बद्दी में मंगलवार सुबह स्कूटी सवार 13 वर्षीय बिटिया की दर्दनाक मौत के बावजूद न तो अभिभावक जागे हैं और न ही स्कूली छात्र। हादसे के चंद घंटों बाद ही बद्दी स्कूल और आसपास के क्षेत्रों में नाबालिग विद्यार्थी धड़ल्ले से यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाते नजर आए। छुट्टी के समय स्कूल के बाहर ट्रिपल राइडिंग और बिना हेलमेट दोपहिया वाहन दौड़ाते छात्र यह बताने के लिए काफी हैं कि उन्हें अपनी जान की कोई परवाह नहीं है। जब मीडिया ने गुड़िया के पिता से पूछा कि इतनी छोटी बच्ची को स्कूटी क्यों दी, तो उनका जवाब चौंकाने वाला था। उन्होंने कहा, वह हर रोज जाती थी, आज दिन ही खराब था। यह जवाब दर्शाता है कि अभिभावक खुद बच्चों को वाहन सौंपकर उन्हें मौत के मुंह में धकेल रहे हैं। पुलिस का कहना है कि बच्चे परिजनों की रजामंदी से ही घर से वाहन लेकर निकलते हैं।
पुलिस को देख हड़बड़ाहट में गिर रहे छात्र
दो दिन पहले साई मार्ग पर पुलिस को देखकर एक बाइक सवार छात्र इस कदर घबरा गया कि उसने तेज रफ्तार में यू-टर्न लिया और बाइक समेत गिर पड़ा। उसके साथ पीछे बैठा साथी भी घायल हो गया और दोनों के कपड़े फट गए। यातायात प्रभारी विवेक परिहार ने मौके पर जाकर बच्चों को संभाला।
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पीछा करें तो और तेज बाइक भागते हैं बच्चे
हम बच्चों का पीछा नहीं कर सकते, क्योंकि पुलिस को देखकर वे और तेज बाइक भगाते हैं, जिससे गिरने का खतरा बढ़ जाता है। समय-समय पर स्कूलों में जागरूकता अभियान चलाए जाते हैं, लेकिन असर नहीं दिख रहा। अभिभावकों को खुद जिम्मेदारी लेनी होगी।
- विवेक परिहार, यातायात प्रभारी
कोट
प्रार्थना सभा और क्लास में हर रोज बच्चों को वाहन न चलाने की हिदायत दी जाती है। स्कूल के अंदर किसी बच्चे की बाइक नहीं आती, वे गेट के बाहर वाहन खड़े करते हैं। इसकी जानकारी हमें नहीं होती।-परिणिता ठाकुर, उपप्रधानाचार्य, बद्दी स्कूल
कोट
मोटर वाहन अधिनियम की धारा 199ए के तहत नाबालिग के वाहन चलाने पर अभिभावक या वाहन मालिक जिम्मेदार होगा। इसमें 3 साल की कैद और 25 हजार रुपये जुर्माने का प्रावधान है। सर्वोच्च न्यायालय की सड़क सुरक्षा समिति ने भी इस पर सख्त रुख अपनाने के निर्देश दिए हैं।
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अशोक वर्मा,एएसपी, बद्दी

बद्दी स्कूल के बच्चे दोपहर बाद छुट्टी के दौरान घर जाते हुए  ट्रिपल राईंडिग करते हुए- संवाद।- फोटो : आयुष्मान भारत योजना के लिए तुलसीपुर में चयनित निजी अस्पताल।

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