पांच सौ और एक हजारों के नोटों पर लगे प्रतिबंध के आगे पुलिस भी बेबस नजर आ रही है।
- फोटो : demo pic
पांच सौ और एक हजारों के नोटों पर लगे प्रतिबंध के आगे पुलिस भी बेबस नजर आ रही है। पुलिस की चालान काटने की गति इस कारण थोड़ी धीमी हो गई है। कारण मौके पर चालान भुगतने वालों के पास जहां छोटे नोट नहीं मिल रहे वहीं पुलिस पांच सौ या हजार का नोट लेने से कतरा रही है।
करेंसी के गहराते संकट के बीच बद्दी पुलिस की जुर्माना कार्रवाई में दो दिनों में 50 फीसदी तक की गिरावट आई है। पुलिस के लिए यातायात नियम, कोटपा, बायो डिग्रेडेबल गारबेज एक्ट और अन्य अधिनियमों के तहत जुर्माना लगाने से पहले चालकों से छूटे पैसे के लिए पूछने को मजबूर होना पड़ रहा है। कारण साफ है कि बाजार में नोटों का टोटा हो गया है। इसके चलते पुलिस ने भी नियम तोड़ने वालों पर जुर्माना लगाने को लेकर थोड़ी ढील देना शुरू कर दी है। पुलिस की ओर से चालान को मौके पर ही कंपाउंड नहीं किया जा रहा है। इसके लिए मजबूरन पुलिस को एक समय सीमा देकर चालान करने पड़ रहे हैं।
पुलिस जिला बद्दी में शुक्रवार को एमवी एक्ट के तहत 68 चालान काटे गए। इस दौरान केवल 13400 रुपये जुर्माना वसूला गया। अन्य दिनों में जहां बददी पुलिस एक सौ के आंकड़े को पार करती थी वहीं वीरवार को एक भी चालान नहीं किया गया। एसपी बशेर सिंह ने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वालों को कोई रियायत नहीं दी जा रही। बाजार में कैश की कमी को देखते हुए जुर्माना राशि के भुगतान को तुरंत कंपाउंड नहीं किया जा रहा। इसके लिए जुर्माना राशि देने के लिए अतिरिक्त समय सीमा दी जा रही है। उन्होंने कहा कि छूटे रुपये की व्यवस्था पुलिस के पास भी मौजूद नहीं है।