दर्जनों गांवों के लोग परेशान, आईजीएमसी जाने वाले मरीजों की बढ़ी मुश्किलें
लोगों ने बस सेवा बहाल करने की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
रामशहर (सोलन)। रामशहर, दिग्गल और छियाछी क्षेत्र के हजारों लोगों की सुविधा के लिए चलाई गई नालागढ़-शिमला वाया रामशहर-कुनिहार एचआरटीसी बस सेवा पिछले एक महीने से बंद है। इस रूट के बंद होने से पूरे पहाड़ी क्षेत्र के ग्रामीणों, मरीजों और छात्रों में भारी रोष है। यह बस सेवा विशेष रूप से उन मरीजों के लिए जरूरी है जो इलाज के लिए आईजीएमसी शिमला जाते हैं। अब बस सेवा बंद होने से मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र के लोगों ने प्रदेश सरकार और एचआरटीसी प्रशासन से मांग की है कि इस रूट को बिना किसी देरी के बहाल किया जाए, ताकि छात्रों की पढ़ाई और मरीजों का इलाज प्रभावित न हो। मटूली पंचायत के पूर्व प्रधान अमरचंद ने बताया कि यह रूट पिछले 30-35 सालों से चल रहा है और कभी बंद नहीं हुआ। इसे बंद करना ग्रामीणों के हितों के साथ खिलवाड़ है। सहदेव लाल वर्मा ने कहा कि गरीब जनता प्राइवेट वाहनों का खर्च नहीं उठा सकती। यह बस हमारे लिए एकमात्र सस्ता सहारा थी। स्थानीय दुकानदार आशीष वर्मा लोग आज भी उम्मीद में बस स्टैंड आते हैं और निराश होकर लौट जाते हैं।
20-25 गांवों पर सीधा असर
बस सेवा ठप होने से रामशहर के आसपास के करीब 20 से 25 गांवों की करीब 10 हजार से ज्यादा आबादी परेशान हैं। इसमें डोली, नंद, साईं, बायला, धरमाना, सुना, मटूली, छियाछी, दिगल, जयनगर, सौर, जाबल, महादेव, गुरुकुंड, कुमारहटी और जाडू बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। लोग सुबह-सुबह बस स्टैंड तो पहुंचते हैं, लेकिन बस न मिलने पर उन्हें या तो मायूस होकर घर लौटना पड़ता है या फिर घंटों इंतजार करना पड़ता है।
जल्द बहाल होगी सेवा : आरएम
इस मामले पर नालागढ़ के क्षेत्रीय प्रबंधक (आरएम) अखिल अग्निहोत्री ने कहा कि खराब मौसम के कारण इस रूट पर परिचालन अस्थायी रूप से प्रभावित हुआ था। उन्होंने यात्रियों से आग्रह किया है कि वे इस सरकारी सेवा का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि कई बार बस शिमला तक खाली पहुंचती है, जिससे विभाग को वित्तीय घाटा होता है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि जल्द ही इस रूट पर बस सेवा को सुचारू रूप से फिर से शुरू कर दिया जाएगा।