हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के नालागढ़ अस्पताल में डायलिसिस, ब्लड बैंक शुरू होने के बाद अब नालागढ़ में एमआरआई शुरू होगा। एमआईआर भी निजी संस्था की ओर चलाया जाएगा। इसके लिए संस्था की ओर से स्थान और व्यवस्थाओं की जांच की जा चुकी है। एमआरआई के लिए ढाई से तीन करोड़ रुपये व्यय होंगे। दो निजी कंपनियां यहां पर अपने सीएसआर के तहत बिल्डिंग बनाने का कार्य भी किया जाएगा। सरकारी ग्रांट के साथ रेडक्रॉस के साथ साथ जन सहयोग भी लिया जाएगा।
अभी तक एमआरआई की सुविधा नालागढ़ के साथ लगते पंजाब और चंडीगढ़ में मिलती थी लेकिन अब यह सुविधा नालागढ़ में भी शुरू होने जा रही है। नालागढ़ अस्पताल परिसर में बिल्डिंग के लिए स्थान का चयन भी हो चुका है।
यहां पर बिल्डिंग का निर्माण होना है, वहां पर निजी संस्था की ओर से जमीन का चयन और अन्य व्यवस्थाओं की जांच भी हो चुकी है। टोरेंट और एसएल प्रोपेक कंपनी ने माईआरआई के लिए बिल्डिंग का निर्माण सीएसआर के तहत कराएंगी।
सरकारी ग्रांट, रेडक्रॉस और जन सहयोग से यहां पर मशीनरी भी स्थापित की जाएगी। एमआरआई करने वालों से संस्था की ओर से सरकारी रेट वसूले जाएंगे। आयुष्मान और हिम केयर का कार्ड भी मान्य होगा।
नालागढ़ के एसडीएम महेंद्र पाल गुर्जर ने बताया कि नालागढ़ में ट्रॉमा सेंटर, ब्लड बैंक और डायलिसिस की सुविधा शुरू हो गई है। अब यहां पर एमआरआई की सुविधा शुरू करना उनकी प्राथमिकता रहेगी। इसे सीएसआर और जन सहयोग से इसे पूरा करवाया जाएगा। गंभीर बीमारियों की जांच के लिए चिकित्सक एमआईआर करवाने की सलाह देते है लेकिन यह सुविधा न होने से लोगों को बाहरी राज्यों में जाना पड़ता है। अब यहां के लोगों को घर-द्वार पर ही सुविधा मिलेगी।