स्वास्थ्य संस्थानों को अत्याधुनिक तकनीक से सुसज्जित करना सरकार की प्राथमिकता
सोलन उपमंडल की घाटकुम्हाला में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. शांडिल ने सुनीं जन समस्याएं
क्षेत्रीय अस्पतालों को मिलेंगी 1.5 और 3 टेस्ला एमआरआई मशीनें
टीबी की जल्द पहचान के लिए खरीदी जा रही हैं 42 हैंड हेल्ड एक्स-रे मशीनें
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। सोलन विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत घाट कुम्हाला में जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि स्वास्थ्य मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल ने सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों को अत्याधुनिक चिकित्सा तकनीक से सुसज्जित करना वर्तमान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। क्षेत्रीय अस्पताल सोलन, बिलासपुर, कुल्लू, ऊना, जिला अस्पताल किन्नौर, डॉ. वाईएस परमार राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय नाहन, क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला तथा पालमपुर में 1.5 टेस्ला एमआरआई मशीनें चरणबद्ध तरीके से स्थापित की जा रही हैं। इसके अतिरिक्त प्रदेश के सभी सरकारी चिकित्सा महाविद्यालयों में अत्याधुनिक 03 टेस्ला एमआरआईमशीनें भी लगाई जा रही हैं, जिससे मरीजों को विशेषज्ञ जांच और उपचार की बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
स्वास्थ्य मंत्री ने इस दौरान लोगों को समस्याएं भी सुनीं और उनके शीघ्र निपटारा करने के अधिकारियों को निर्देश भी दिए। कार्यक्रम में ग्राम पंचायत घाट कुम्हाला की प्रधान हेमा तंवर सहित कई गणमान्य व्यक्ति और स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे।
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टीबी की जल्द पहचान के लिए आएंगी हैंडहोल्ड एक्सरे मशीनें
नैदानिक स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए नाहन, हमीरपुर, बिलासपुर, सोलन तथा धर्मशाला के अस्पतालों में डिजिटल मैमोग्राफी मशीनें लगाई जाएंगी। उन्होंने बताया कि दुर्गम क्षेत्रों के लोगों की सुविधा के लिए 42 हैंडहोल्ड एक्सरे मशीनों की खरीद प्रक्रिया जारी है, जिनमें से 14 मशीनें प्राप्त हो चुकी हैं। इनका उपयोग मुख्य रूप से छाती की जांच और टीबी की जल्द पहचान के लिए किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य और शिक्षा के विकास के लिए सरकार धन की कमी को आड़े नहीं आने देगी।
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ग्रामीण आर्थिकी को मजबूत करने के लिए ऐतिहासिक कदम
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में ग्रामीण आर्थिकी को मजबूत करने के लिए कई सकारात्मक कदम उठाए गए हैं। प्राकृतिक खेती से उगाई जाने वाली हल्दी का न्यूनतम समर्थन मूल्य 90 रुपये से बढ़ाकर 150 रुपये प्रति किलो किया गया है, और हिमाचल ऐसा करने वाला देश का पहला राज्य बना है। इसके साथ ही पशुपालकों के लिए गाय व भैंस के दूध के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि की गई है तथा पंजीकृत दुग्ध सहकारी संस्थाओं के लिए प्रोत्साहन राशि को 3 रुपये से बढ़ाकर 6 रुपये प्रति लीटर किया गया है।
सोलन विधानसभा की ग्राम पंचायत घाट कुम्हाला में जनसमस्याएं सुनते स्वास्थ्य मंत्री कर्नल डॉ. धनीर