एससी एसटी कॉर्पोरेशन ने शिमला के 70 डिफाल्टरों को जारी किया था नोटिस
नोटिस मिलने के बाद भी केवल 15 ही डिफाल्टर पहुंचे, नहीं चुकाया निगम का पूरा पैसा
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति निगम (एससी-एसटी कॉर्पोरेशन) की ओर से डिफाल्टरों को राजस्व अदालतों में पेश होने के नोटिस भेजे जा रहे हैं। इसके बावजूद न तो सभी डिफाल्टर अदालत में पेश हो रहे हैं और न ही निगम का पैसा चुका रहे हैं। कॉर्पोरेशन ने बीते दिनों 2.5 करोड़ रुपये दबाए बैठे शिमला के 70 डिफाल्टरों को राजस्व अदालत में पेश होने के लिए नोटिस भेजा। नोटिस मिलने के बाद भी केवल 15 डिफाल्टरों ने अदालत में पेशी दर्ज करवाई और सिर्फ 1.5 लाख रुपये पैसा ही चुकाया। वहीं अन्य डिफाल्टरों ने निगम के नोटिस मिलने के बाद भी उसे अनदेखा किया। वहीं नोटिस मिलने के बाद राजस्व अदालत में पहुंचे 15 डिफाल्टरों ने भी पूरा पैसा नहीं चुकाया है।
शिमला में निगम के सबसे बड़े 150 डिफाल्टर हैं। इनके पास निगम का करीब छह करोड़ सालों से अटका पड़ा है। इनमें से निगम ने बीते सप्ताह 70 डिफाल्टरों को ही अदालत में पेश होने के नोटिस दिए हैं। अब बचे हुए 80 डिफाल्टरों को भी जल्द नोटिस भेजने की तैयारी चल रही है। इन सभी डिफाल्टरों ने करीब 15 से 20 वर्ष से निगम से लिए गए लोन का पैसा नहीं चुकाया है।
इनसेट
सोलन में भी केवल 1.24 लाख की हुई रिकवरी
निगम की ओर से शिमला से पहले सोलन के 30 डिफाल्टरों को भी राजस्व अदालत में पेश होने के नोटिस भेजे थे। अदालत में सोलन के एक भी डिफाल्टर ने पेशी दर्ज नहीं करवाई, वहीं 1.24 लाख रुपये की रिकवरी भी ऑनलाइन माध्यम से ही हुई है। ऐसे में निगम ने अब इनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करने और अन्य कार्रवाई करने की तैयारी शुरू कर दी है। वहीं शिमला के डिफाल्टर भी पैसा नहीं चुकाते हैं, तो इनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जा सकती है।
कोट
निगम कोशिश कर रहा है कि सभी डिफाल्टरों को कई मौके देकर रिकवरी की जा सके। यदि नोटिस के बाद भी कोई राजस्व अदालत में नहीं आ रहा है और पैसे नहीं चुका रहा है, तो निगम को इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी पड़ रही है। वहीं अब डिफाल्टरों को गिरफ्तारी वारंट जारी करने के साथ उनकी संपत्ति को भी कब्जे में लिया जाएगा।
- मुल्तान सिंह बनयाल, रिकवरी तहसीलदार, एससी-एसटी कॉर्पोरेशन, हिमाचल प्रदेश