स्वास्थ्य मंत्री के गृह जिले का हाल सीएचसी में नहीं मिला डॉक्टर
पट्टा महलोग सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सुविधाओं का टोटा
प्राथमिक उपचार के बाद एंबुलेंस तक नहीं मिली, बद्दी रेफर किए गए मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
बरोटीवाला (सोलन)। दून के एखू गांव में शनिवार की रात एक बड़ा हादसा होने से टल गया। यहां के निवासी अमरचंद, जानकी देवी और हिमांशु रात के समय भिंडी की सब्जी खा रहे थे। तभी अचानक उन्हें सब्जी में एक मरी हुई छिपकली दिखाई दी। थाली में छिपकली देखते ही तीनों डर गए और उन्हें लगातार उल्टियां होने लगीं।
हालत गंभीर होने पर परिजनों ने उन्हें तुरंत सीएचसी पट्टा पहुंचाया, लेकिन वहां कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था। पता चला कि यहां तैनात डॉक्टर डेपुटेशन पर कहीं और गया हुआ है। अस्पताल में डॉक्टर न होने के कारण वहां तैनात पैरामेडिकल स्टाफ ने मरीजों को प्राथमिक उपचार तो दिया, लेकिन स्थिति को देखते हुए उन्हें बद्दी अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। हद तो तब हो गई जब गंभीर रूप से बीमार मरीजों को ले जाने के लिए अस्पताल प्रशासन एंबुलेंस तक की सुविधा मुहैया नहीं करा पाया। करोड़ों रुपये का टैक्स देने वाला दून का यह पहाड़ी क्षेत्र आज मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहा है। करीब 20 हजार की आबादी को संभालने वाली इस सीएचसी में स्टाफ की भारी कमी है। न तो अस्पताल में टेस्ट की सुविधा है और न ही एक्स-रे मशीन काम कर रही है।
आपकी आवाज के संचालक राजू भारद्वाज ने कहा कि एक तरफ प्रदेश सरकार स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ करने के बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं दूसरी तरफ सूबे के स्वास्थ्य मंत्री के अपने गृह जिला सोलन के तहत आने वाले दून विधानसभा क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाएं खुद बीमार हैं। पहाड़ी इलाके पट्टा महलोग की सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मूलभूत सुविधाओं और डॉक्टरों का भारी अभाव है, जिससे स्थानीय जनता राम भरोसे है।
कोट
यहां तैनात मुख्य चिकित्सक फिलहाल मेडिकल लीव पर चल रहे हैं। व्यवस्था बनाए रखने के लिए यहां प्रतिनियुक्ति पर दूसरे डॉक्टर को तैनात किया गया है। अस्पताल में खाली चल रहे पदों को जल्द से जल्द भरने के लिए उच्च अधिकारियों को लिखित में पत्र भेजा जा चुका है। - डॉ. अजय पाठक, मुख्य चिकित्सा अधिकारी