संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। शहर में पेयजल संकट शुरू हो गया है। शहर को पानी देने वाली दूसरी मुख्य योजना अश्वनी खड्ड में गंदा पानी आने के बाद जलशक्ति विभाग ने लिफ्टिंग बंद कर दी है। योजना के सैंपल लेकर पुणे जांच के लिए भेज दिए हैं। अब सैंपल रिपोर्ट आने के बाद दोबारा से लिफ्टिंग शुरू होने के आसार हैं। फिलहाल तब तक लोगों को शहर में जल संकट झेलना पड़ेगा।
अश्वनी खड्ड परियोजना से शहर में करीब सात एमएलडी पानी की सप्लाई रोजाना पहुंचती है जबकि शहर में पूरा पानी देने के लिए 18 से 20 एमएलडी तक सप्लाई की जरूरत होती है। ऐसे में सात एमएलडी पानी कम होने से अधिकांश एरिया में पानी की सप्लाई नहीं दी जा सकेगी।
हालांकि नगर निगम के पास सोमवार शाम तक सप्लाई पूरी थी लेकिन रात को लिफ्टिंग नहीं होने से दिक्कतें बढ़ना तय है। उधर, नगर निगम सोलन के सहायक अभियंता विनोद पाल ने कहा कि लिफ्टिंग बंद होने से शहर में पेयजल सप्लाई देने में परेशानी आएगी। लोगों से आग्रह है कि वे पानी स्टोर कर के रखें। जब तक अश्वनी खड्ड योजना शुरू नहीं होती, तब तक दिक्कतें झेलनी पड़ सकती है।
इसलिए आई दिक्कतें
अश्वनी खड्ड में पिछले कई दिनों से काले रंग का बदबूदार पानी बह रहा है। झाजा पंचायत के उपप्रधान मनीष कुमार, पूर्व उपप्रधान पवन कुमार समेत स्थानीय लोगों ने प्रशासन को इसकी सूचना दी थी। सोमवार सुबह जलशक्ति विभाग की टीम मौके पर पहुंची। उन्होंने पानी की झाग और बदबूदार पानी देखकर तुरंत लिफ्टिंग बंद करने के आदेश दे दिए। स्थानीय लोगों के अनुसार यह पानी पिछले एक सप्ताह से बह रहा है। किसान खेतों की सिंचाई समेत मवेशियों को भी इस पानी को नहीं पिला पा रहे हैं। इसमें ग्रामीणों ने मामले की जांच की मांग की है।
पुणे भेजे गए सैंपल
जलशक्ति विभाग के अधिशासी अभियंता रविकांत शर्मा ने कहा कि अश्वनी योजना का दौरा किया गया था। पानी के सैंपल लेकर उन्हें पुणे जांच के लिए भेज दिया गया है। योजना में अल्ट्रा-वायलेट डिस्इन्फेक्शन यूनिट लगाया है जो वायरस को खत्म कर देती है। इसके बावजूद सुरक्षा के लिए लिफ्टिंग बंद कर दी गई है।