सुबह दस बजे झाड़ियों में फंसे चीते को दोपहर बाद तीन बजे शिमला से पहुंची वन्य प्राणी विभाग की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आजाद करवाया।
हुड़ंग पंचायत के गांव घड़सी में आईपीएच के पंप हाउस के साथ लगती झाड़ियों और कंटीली तारों में एक तेंदुआ फंस गया। इसके बाद वह जोर-जोर से दहाड़ने लगा। आवाज सुनकर आसपास के लोग एकत्र हो गए। सूचना वन्य प्राणी विभाग को दी गई। सुबह दस बजे झाड़ियों में फंसे चीते को दोपहर बाद तीन बजे शिमला से पहुंची वन्य प्राणी विभाग की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आजाद करवाया।
वन्य प्राणी विभाग के मुताबिक बुधवार को घड़सी पंप हाउस में तैनात आईपीएच कर्मचारी प्रद्युम्न शर्मा जब ड्यूटी पर थे तो 10 बजे के करीब तेंदुए के दहाड़ने की आवाजें सुनाई दीं। पंप हाउस से बाहर निकलकर देखा तो 100 मीटर की दूरी पर तेंदुआ झाड़ियों में फंसा हुआ था। इसकी जानकारी तुरंत वन विभाग और स्थानीय प्रधान को दी।
मौके पर वन विभाग धर्मपुर के अधिकारी पहुंचे। लेकिन तेंदुए के बुरी तरह झाड़ियों में उलझने से विभाग के कर्मचारी उसे आजाद नहीं करवा पाए। बाद में वन्य जीव प्राणी विभाग शिमला से टीम को बुलाया गया। दोपहर बाद करीब तीन बजे इस टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद तेंदुए को झाड़ियों से आजाद करवाया तथा सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
स्थानीय प्रधान लक्ष्मी देवी, गोपाल सिंह ठाकुर, भजन सिंह, राजेंद्र और जीवानंद ने कहा कि क्षेत्र में तेंदुए के मिलने से लोग काफी दहशत में हैं। पहले भी इस क्षेत्र में तेंदुए को घूमते हुए देखा गया था लेकिन आज वह खुद ही झाड़ियों में फंसकर कैद हो गया।
सुरक्षित स्थान पर छोड़ा तेंदुआ
वन विभाग धर्मपुर के रेंजर पवन कुमार ने बताया कि तेंदुए को झाड़ियों से निकाल कर सुरक्षित स्थान पर छोड़ दिया है। इस अभियान में बीओ अनिल ठाकुर, फॉरेस्ट गार्ड रामशरण, संजीव कुमार और बनारसी दास ने भाग लिया।