श्रीरामलोक मंदिर के बाबा के खिलाफ एक-एक करके संगठन अब खुले तौर पर सामने आने लगे हैं। हिमाचल किसान सभा ने भी बाबा के खिलाफ मोरचा खोल दिया है। शुक्रवार को हिमाचल किसान सभा के प्रदेश महासचिव राकेश सिंघा ने सोलन में पत्रकारवार्ता कर सरकारी तंत्र और बाबा को लेकर कई सवाल उठाए।
सिंघा ने कहा कि बाबा अमरदेव नहीं बल्कि अमर दास हैं और वह प्रदेश सरकार तथा सरकारी तंत्र की आंखों में धूल झोंकने का काम कर रहा है। अमरदास कोई बाबा नहीं है। सरकार के संरक्षण में सोलन में गैर कानूनी कार्यों को अंजाम दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रूड़ा गांव में हुई घटना और उसके बाद सरकार तथा सरकारी तंत्र द्वारा बाबा को बचाने की प्रक्रिया से सरकार की कार्य प्रणाली भी संदेह के घेरे में आ गई है।
सिंघा ने कहा कि हिमाचल किसान सभा 15 मई को एक विशेष बैठक का आयोजन करेगी। इसमें इस प्रकरण और बाबा की सच्चाई को जानने के लिए स्वतंत्र जांच कमेटी का गठन किया जाएगा ताकि इस पूरे प्रकरण का पोस्टमार्टम किया जा सके। किन-किन राजनेताओं और सरकारी तंत्र के लोग बाबा को संरक्षण देने में शामिल हैं इसे जनता के समक्ष लाया जाएगा। इसके अलावा बाबा कहां का मूल निवासी है और इसकी पृष्ठभूमि क्या है, इस सबका भी पता लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि फिर भी इस प्रकरण में न्याय नहीं मिलता है तो किसान सभा प्रदेशभर में एक जन आंदोलन खड़ा करेगी।
बाबा आरोपी है, वीआईपी ट्रीटमेंट क्यों
राकेश सिंघा ने कहा कि बाबा के खिलाफ मामला दर्ज है और ऐसे में वह एक आरोपी है। लेकिन उसके खिलाफ कार्रवाई करना तो दूर, उल्टा उसे वीआईपी ट्रीटमेंट दिया जा रहा है। इस सारे प्रकरण के बावजूद मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह बाबा को अस्पताल में मिलने जाते हैं। यह प्रकरण खुद ही सारी कहानी बयां कर देता है। मुख्यमंत्री के मिलने के 24 घंटे के भीतर कंडाघाट पुलिस थाने के सभी कर्मियों को लाइन हाजिर करना और ग्रामीणों की गिरफ्तारी से जनता के बीच अच्छा संदेश नहीं गया है।
रामलोक मंदिर से पुलिस बल हटाए सरकार
सिंघा ने कहा कि सरकार को तुरंत श्रीरामलोक मंदिर की भूमि से पुलिस बल को हटाना चाहिए और यह सारी भूमि अपने कब्जे में लेनी चाहिए। इसके अलावा बाबा द्वारा लाई करोड़ों रुपये की मूर्तियां तथा मंदिर के बाहर खड़ी लाखों रुपयों की कारें कहां से आई, इसकी भी जांच की जाए। साथ ही मंदिर को मिले करोड़ों रुपये दान का भी हिसाब करना चाहिए।
विवादित फोटो किए जारी
सोलन में पत्रकारवार्ता के दौरान बाबा को लेकर कुछ फोटोग्राफ भी लोगों को दिखाए गए। इसमें बाबा कुछ लड़कियों और महिलाओं से घिरा हुए हैं। राकेश सिंघा ने यह फोटो वहां खड़े मीडिया और अन्य लोगों को दिखाए। इन विवादित फोटो को लेकर दिनभर यहां चर्चाएं होती रहीं।