ब्रिज नंबर 57 के पास बारिश के कारण नाले में बही क्रेट वायर ऊपर लाते कर्मचारी।
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विश्व धरोहर कालका-शिमला रेलमार्ग की बहाली पर एक बार फिर मौसम की मार पड़ी है। शुक्रवार और शनिवार को हुई मूसलाधार बारिश ने रेलवे की ओर से किए जा रहे मरम्मत कार्य को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। टकसाल से गुम्मन रेलवे स्टेशन के बीच ब्रिज नंबर 57 के पास दुरुस्त किया गया बड़ा हिस्सा तेज पानी के बहाव में बह गया। इसके चलते ट्रैक के किनारे फिर से गहरी खाई बन गई है। इस नुकसान से रेलवे को लाखों रुपये की चपत लगी है और अब बहाली का काम और लंबा खिंचने की आशंका है।
भारी बारिश से पहले क्षतिग्रस्त हुए हिस्से की मरम्मत के लिए रेलवे ने दो सितंबर को अधिसूचना जारी कर धर्मपुर से शिमला के बीच रेल सेवा शुरू की थी। प्रभावित स्थान पर निर्माण सामग्री पहुंचाने के लिए सेक्टर-6 से जेसीबी की मदद से अस्थायी रास्ता तैयार किया गया था।
रेलवे की ओर से पानी के रुख को मोड़ने के बाद जेसीबी, ट्रकों और दर्जनों मजदूरों की मदद से क्रेट वॉल यानी सुरक्षा दीवार बनाने का काम किया जा रहा था। मरम्मत कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा था, लेकिन नाले में अचानक आए उफान ने पूरी मेहनत पर पानी फेर दिया। तेज बहाव में क्रेट वॉल के साथ मिट्टी और बड़ी मात्रा में निर्माण सामग्री भी बह गई।