औद्योगिक क्षेत्र बद्दी के पास ही दवनी में एक और इंडस्ट्रियल एरिया विकसित हो रहा है। उद्यमियों ने भी इस क्षेत्र में उद्योग लगाने की पहल की है। यहां प्लाट बिकने भी शुरू हो गए हैं।
कारखाना मालिकों की रुचि का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि यह प्लाट तय कीमतें से अधिक पर बिक रहे हैं। आने वाले दिनों में दवनी में उद्योग लगने से हजारों युवाओं के लिए रोजगार के द्वार भी खुलेंगे। साथ ही अन्य काम धंधों को भी गति मिलेगी।
विश्वव्यापी मंदी और विशेष औद्योगिक पैकेज समाप्त होने के बाद भी उद्यमियों ने बद्दी में औद्योगिक इकाई लगाने की पहल की है। इस संदर्भ हिमाचल प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास निगम ने औद्योगिक प्लाटों की बोली रखी थी। इसमें चार उद्यमियों ने जमीन खरीद सौदे को फाइनल कर दिया है। इस औद्योगिक नीलामी से विकास निगम को डेढ़ करोड़ का राजस्व अर्जित हुआ है।
विभाग के अधिशासी अभियंता मोहिंद्र जरियाल ने चार प्लाट और छह दुकानें बिकने की पुष्टि की है। बताया कि चारों प्लाट करीब एक करोड़ में बिके हैं। छह दुकानें पचास लाख में बिकी।
तीन प्लाट निर्धारित रेट से अधिक बिके। उन्होंने बताया दुकानों के रेट 4 लाख सरकारी बोली थी। बद्दी की दुकान सबसे अधिक 10 लाख 70 हजार और दवनी में सबसे कम 7 लाख 11 रुपये में बिकी। सभी दुकानें पचास लाख में बिकी है। विभाग को एक करोड़ 52 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है।
धारा 118 के पेच
से भी यहां राहत
बद्दी से 9 किमी दूर विकास निगम ने सुनियोजित औद्योगिक क्षेत्र दवनी का निर्माण किया है। यहां पर औद्योगिक निवेशकों के लिए हर सुविधा उपलब्ध करवाई गई है। यहां पर प्लाट लगाने वाले उद्यमी को धारा 118 के फेर से नहीं गुजरना पड़ता है। बद्दी में निवेश करने के पीछे तर्क रहता है कि यहां पर 24 घंटे बिजली उपलब्ध होती है।
कानून व्यवस्था की भी स्थिति संतोषजनक है। धारा 118 के तहत कृषक भूमि की शर्त तय होती है। इसमें वही व्यक्ति हिमाचल में जमीन खरीद सकता है जो यहां कृषि का कार्य करता हो। लेकिन इस पेच से भी यहां राहत दी गई।
यह लोग लगाएंगे यहां उद्योग
एक हजार वर्ग मीटर प्लाट को समयन हेल्थ केयर ने चालीस लाख में खरीदा
पांच सौ वर्ग मीटर प्लाट को सिमर टेक ने 20 लाख 50 हजार रुपये में खरीदा
तीसरा प्लाट मोहाली के जसबीर सिंह ने 20 लाख 12 हजार पांच रुपये में खरीदा
पंजाब के गौतम जैन ने 20 लाख रुपये में प्लाट खरीदा है।