पॉक्सो समेत दो अलग-अलग धाराओं में पाया दोषी
अभियोजना पक्ष ने मामले में 16 गवाहों को किया न्यायालय में पेश
एडीएसजे, फास्ट ट्रैक कनिका चावला की अदालत ने सुनाई सजा
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश, फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालय कनिका चावला की अदालत ने नाबालिग का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म करने के आरोपी को दोषी करार देते हुए 10 साल का कठोर कारावास और 30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। दोषी हरविंद्र कुमार पुत्र स्वर्गीय प्रेम लाल निवासी गांव के डाकघर बद्दल तहसील कसौली जिला सोलन को दो अलग-अलग मामलों में सजा सुनाई गई है और दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी। जुर्माना अदा न करने पर डेढ़ साल का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा। मामले की पैरवी लोक अभियोजक पृथ्वी सिंह नेगी ने की।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2021 में घटना के समय पीड़िता नाबालिग थी और सोलन जिले के नालागढ़ में अपने परिवार के साथ रहती थी। 31 दिसंबर 2021 को आरोपी ने पीड़िता को अगवा कर लिया और नालागढ़ स्थित अपने किराये के कमरे में ले गया, जहां उसने पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया। वहीं पुलिस ने पॉक्सो अधिनियम, आईपीसी की धारा 363 और 376 के तहत महिला थाना बद्दी में मामला दर्ज किया। अभियोजन पक्ष ने मामला साबित करने के लिए 16 गवाह अदालत से पेश किए।
दोषी को पॉक्सो अधिनियम की धारा 6 के तहत 10 वर्ष का कठोर कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है। इसी तरह आईपीएसी की धारा 363 के तहत पांच वर्ष का कठोर कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है। दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी।