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Solan News: ऋण न चुकाने पर नौ डिफाल्टरों को निगम ने जारी किया गिरफ्तारी वारंट

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सात बिलासपुर व दो नाहन के हैं डिफाल्टर, सालों से नहीं चुकाया लोन
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एससी एसटी कॉर्पोरेशन ने सौंपी पुलिस को इन डिफाल्टरों की सूची
नाहन के 48 डिफाल्टरों की 10 अप्रैल को राजस्व अदालत में होगी पेशी
6 मई को किन्नौर में भी 50 डिफाल्टरों की अदालत में होगी पेशी
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाति एवं जनजाति विकास निगम ने ऋण न चुकाने करने वाले नौ डिफाल्टरों को गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। निगम की ओर से कई बार नोटिस भेजे जाने के बाद भी लोन की राशि न चुकाने के बाद निगम ने सख्त कार्रवाई करते हुए यह कदम उठाया है। वहीं नाहन के 48 डिफॉल्टरों को 10 अप्रैल को राजस्व अदालत में पेशी के लिए बुलाया है। इसके अलावा 6 मई को किन्नौर में भी 50 डिफाल्टरों की अदालत में पेशी लगेगी।
इन सभी डिफाल्टरों ने एससी एसटी कॉर्पोरेशन से रोजगार और शिक्षा के लिए लोन लिया था, लेकिन अब तक नहीं चुकाया। वहीं कार्पोरेशन की ओर से इन सभी डिफाल्टरों को 4 से अधिक बार नोटिस जारी किया गया है। इसके बाद भी लोन की राशि न चुकाने के बाद एससी एसटी कॉर्पोरेशन ने इनकी लिस्ट पुलिस को सौंपी है। वहीं आगामी दिनों में कुल 98 डिफॉल्टरों को राजस्व अदालत में पेशी के लिए बुलाया गया है। इसके बाद उन डिफाल्टरों की सूची निकाली जाएगी, जिन्होंने कई नोटिस मिलने के बाद भी निगम का पैसा वापस नहीं किया। इसके बाद निगम उनके खिलाफ भी गिरफ्तारी वारंट जारी करेगा। इसके अलावा अब निगम कुछ डिफाल्टरों की संपत्ति को नीलाम करने की भी तैयारी कर रहा है। इसके लिए भी अब डिफाल्टरों की सूची बनाने का काम शुरू कर दिया जाएगा।
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इनसेट
डिफाल्टरों के पास फंसा है 10 करोड़ रुपये
एससी एसटी कॉर्पोरेशन के डिफाल्टरों के पास निगम का लगभग 10 करोड़ रुपये फंसा है। इस पैसे को वापस लेने के उद्देश्य से ही निगम अब सख्त कार्रवाई कर रहा है। नौ डिफाल्टरों के पास निगम के 6.5 लाख रुपये फंसे हैं। वहीं पेशी के लिए बुलाए नाहन के 48 डिफाल्टरों के पास लगभग 65 लाख और किन्नौर के 50 डिफाल्टरों के पास 1.8 करोड़ रुपये फंसे हैं।

इनसेट
गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद एक ने चुकाया ऋण
एससी एसटी कॉर्पोरेशन की ओर से गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद बिलासपुर के एक डिफाल्टर ने सारा बकाया ऋण चुका दिया है। इस डिफाल्टर ने निगम से लगभग 20 साल पहले 25 हजार रुपये का ऋण लिया था, लेकिन 4 से ज्यादा नोटिस मिलने के बावजूद भी लोन नहीं चुका रहा था। इस कारण निगम को इसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करना पड़ा।
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कोट
लोन चुकाने का दिया कई बार मौका
निगम की ओर से ज्यादातर गरीब लोगों को रोजगार और शिक्षा के लिए ऋण दिया जाता है। वहीं कुछ लोग ऋण समय पर चुकाने में सक्षम नहीं होते हैं, तो निगम लोन चुकाने के लिए बहुत समय देता है। वहीं कुछ डिफाल्टर जानबूझकर लोन नहीं चुकाते। उन्हें निगम तीन से चार बार नोटिस जारी करता है। यदि उसके बाद भी उनकी ओर से कोई पैसा नहीं भरा जाता, तो निगम को सख्त कार्रवाई करते हुए इनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करना पड़ता है।
- मुल्तान सिंह बनयाल,
वसूली तहसीलदार, एससीएसटी कॉर्पोरेशन, हिमाचल प्रदेश
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