एक सप्ताह की छुट्टियों के बाद करेंगे जांच, रिपोर्ट भी विभाग को भेजेंगे
पानी की टंकियों को भी करवाया जाएगा साफ, टेस्ट किटें भी बांटी गईं
पेयजल की जांच व टंकियां न साफ करने वाले स्कूलों पर होगी कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। जिले के सरकारी और निजी स्कूलों में विद्यार्थियों के स्वास्थ्य की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शिक्षा विभाग ने दिशा-निर्देश जारी किए हैं। मानसून के मौसम में जलजनित बीमारियों के खतरे को देखते हुए अब स्कूलों को अपने स्तर पर ही पेयजल की गुणवत्ता की जांच करनी होगी।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि एक सप्ताह की छुट्टियों के बाद स्कूल खुलते ही जांच प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके साथ ही, जांच रिपोर्ट तुरंत संबंधित विभाग को सौंपनी अनिवार्य होगी। स्कूलों को जल परीक्षण के लिए आवश्यक टेस्ट किटें प्रदान कर दी गई हैं, ताकि वे आसानी से पानी की शुद्धता माप सकें। पेयजल आपूर्ति से पहले सभी स्कूलों में पानी की टंकियों की गहराई से सफाई और रोगाणु मुक्त कराने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। यदि कोई स्कूल पेयजल की समय पर जांच नहीं कराता है या टंकियों की सफाई में लापरवाही बरतता है, तो उसके खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। विभाग का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि छुट्टियों के बाद जब छात्र स्कूल लौटें, तो उन्हें पूरी तरह से स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध हो।
उधर, शिक्षा उपनिदेशक उच्च शिक्षा मधु जनारथा ने बताया कि सभी स्कूलों को पेयजल टंकियों की सफाई के निर्देश दिए है। इसके साथ विद्यार्थियों को जलजनित बीमारियों के बारे में भी जागरूक करने को कहा है। स्कूलों को पानी की जांच के बाद इसकी रिपोर्ट भी सौंपनी होगी। जिसके लिए अलग से एक रजिस्टर भी लगाना होगा। इसमें हर माह की रिपोर्ट और सफाई का समय लिखा जाएगा।