चिकित्सकों के स्थानांतरण अथवा एकसाथ अवकाश पर चलने जाने के बाद भी सोलन अस्पताल में अब स्वास्थ्य सेवाएं नहीं हांफेंगी। अस्पताल प्रबंधन ने ऐसी स्थिती से निपटने का खाका खींच लिया है। यदि कवायद रंग लाई तो सामान्य ओपीडी में ड्यूटी टाइम में हर वक्त चिकित्सक मिलेगा।
यही नहीं अगर विशेषज्ञ चिकित्सक ऑपरेशन या वार्ड के राउंड पर हैं, तो भी व्यवस्था नहीं हांफेगी। चिकित्सकों की कमी के कारण आ रही दिक्कतों की हल निकालने के लिए अस्पताल प्रबंधन ने बैकअप प्लान बनाया है। इसके अनुसार ऐसी स्थिति में ग्रामीण क्षेत्रों में एक से अधिक चिकित्सकों वाले केंद्रो में एडजस्टमेंट की जाएंगी। वहीं अन्य योजना में प्रोग्राम आफिसर के तौर पर कार्य कर रहे चिकित्सकों की सेवा भी जी जाएंगी। इसी प्लान के तहत सोलन अस्पताल में छह अतिरिक्त डॉक्टरों की व्यवस्था हो रही है। बुधवार को ‘अमर उजाला’ द्वारा चिकित्सकों की कमी से हांफ रही स्वास्थ्य सेवाओं का मुद्दा उठाने के बाद वीरवार को सीएमओ सोलन डॉ. आरके दरोच ने आंतरिक बैठक करते हुए यह दिशा निर्देश संबंधित बीएमओ को जारी किए हैं।
ऐसे दुरुस्त होगी व्यवस्था
1- सोलन जोनल अस्पताल में डेपुटेशन पर चल रहे एमडी चिकित्सक का अस्पताल में ही स्थायी तैनाती की जा रही है।
2-धर्मपुर ब्लॉक में तैनात एनेस्थीसिया स्पेशलिट की वैकल्पिक तौर पर सोलन में ड्यूटी लगेगी। व्यवस्था ऐसी होगी कि काम प्रभावित न हो।
3- धर्मपुर और सायरी ब्लाक में चिकित्सकों की रोटेशन के आधार पर सोलन में ड्यूटी, जिससे की अतिरिक्त चिकित्सकों की सुविधा हो।
4- फील्ड में तैनात प्रोग्राम ऑफिसर डा बीपी नेगी की सोलन के जोनल अस्पताल में ड्यूटी। सभी तैनातियां जनरल वार्ड के लिए होंगी।
5- ईएसआई जाबली में दो चिकित्सकों में एक चिकित्सक को सोलन अस्पताल में तैनाती दी जाएगी ताकि व्यवस्था प्रभावित न हो सके।
अब धर्मपुर और कंडाघाट में पोस्टमार्टम
सोलन। स्वास्थ्य विभाग अब धर्मपुर और कंडाघाट में पोस्टमार्टम करवाने की तैयारी कर रहा है। तर्क है कि अधिकतर पोस्टमार्टम के मामले सोलन जोनल अस्पताल में आते हैं। इससे चिकित्सक पोस्टमार्टम के दौरान होल्ड हो जाते हैं। अगर धर्मपुर और कंडाघाट में पोस्टमार्टम होंगे तो अस्पताल में लोड कम होगा।
1200 से 1500 रोजाना ओपीडी : सीएमओ
सीएमओ डॉ. आरके दरोच ने कहा कि अस्पताल में दो तीन दिन के भीतर स्थिति सामान्य हो जाएगी। सोलन जोनल अस्पताल में नई और पुरानी करीब 1200 से 1500 प्रतिदिन ओपीडी है। सोलन, सिरमौर और शिमला के बार्डर क्षेत्रों के मरीज यहां सस्ते इलाज की आस में पहुंचते हैं। लिहाजा चिकित्सकों की अतिरिक्त व्यवस्था की योजना तैयार की जा रही है।