अस्पताल के नए भवन की पट्टिकाओं को लेकर कांग्रेस-भाजपा में विवाद छिड़ा है। अस्पताल के आलीशान भवन में दोनों दल अपने आकाओं की चमचमाती पट्टिकाएं देखना चाहते हैं। लेकिन दूसरी तरफ अस्पताल के कुछ विभागों में स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह हांफी हुई हैं। तैनाती के बाद ज्वाइनिंग करके दोबारा अस्पताल न पहुंचने वाले चिकित्सकों पर नकेल नहीं कसी जा रही। न ही पांच स्टाफ नर्सों की पोस्टें भरी जा रही हैं। इससे रोगियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जोनल अस्पताल के गायनी विभाग में यही हाल है। मंगलवार को भारी रश रहा। स्पेस अधिक न होने पर महिलाओं को फर्श पर बैठकर इलाज के लिए इंतजार करना पड़ा। लंबी कतार के चलते महिलाओं को भारी दिक्कत हुई। अस्पताल में गायनी के डाक्टर की दो पोस्टें हैं। इसमें दो डाक्टर तैनात भी किए हैं। लेकिन एक ही गायनी का डॉक्टर अपनी सेवाएं दे रहा है। दूसरे डॉक्टर ने हाल ही में 22 अगस्त को ज्वाइन किया था। लेकिन वह तब से लेकर अभी तक गैरहाजिर है।
इस कारण रोजाना महिला ओपीडी में लंबी-लंबी कतारें लगी रहती हैं। इससे महिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हाल ही में अस्पताल में नए डाक्टरों की तैनाती की है। इसमें अस्पताल के लिए 22 डॉक्टर की आवश्यकता है। इसमें 22 की तैनाती की गई है। लेकिन इसमें से 20 डॉक्टर ही अपनी सेवाएं दे रहे है। स्टाफ नर्सों की 35 पोस्टें है। इसमें से 30 पोस्टें भरी हुई हैं। 5 अभी भी रिक्त पड़ी है।
क्या कहते हैं लोग
डॉक्टर एक मरीज अनेक
हरीपुरधार (सिरमौर) से आई अंजना का कहना है कि वह सुबह से लाइन में खड़ी है। यहां बहुत भीड़ है, एक ही डॉक्टर होने के कारण मरीजों की जांच के लिए काफी समय लग रहा है। उन्होंने अस्पताल एक अन्य गायनी के डाक्टर की तैनाती की मांग की है।
स्पेस की है कमी
धर्मपुर से अपना इलाज करवाने आई सुमित्रा देवी ने बताया कि एक ही गायनी का डॉक्टर होने से यहां काफी भीड़ रहती है। इस स्थान पर स्पेस की कमी होने से महिलाओं के लिए न तो बैठने का उचित प्रबंध है न ही खड़े रहने के लिए।
एक ही डॉक्टर क्यों दे रहा सेवाएं
कुमारहट्टी से इलाज करवाने आई बिलो देवी ने कहा कि अस्पताल में जब गायनी के दो डॉक्टरों की तैनाती कर ली है। तो एक ही डाक्टर अपनी सेवाएं क्यों दे रहा है। अस्पताल प्रशासन को इस समस्या की ओर ध्यान देना चाहिए।
गर्भवती महिलाओं को अधिक परेशानी
बसाल से इलाज करवाने आई सुमित्रा ने कहा कि वह चेकअप करवाने के लिए यहां आई है। वह गर्भवती है, और सुबह से कतार में खड़ी है। चेकअप तो दूर की बात उन्हें यहां पर कहीं बैठने के लिए भी कोई स्थान नहीं मिला है।
आला अधिकारियों से की है शिकायत : सीएमओ
सीएमओ आरके दरोच ने बताया कि अस्पताल में दो गायनी के चिकित्सकों की तैनाती की है। लेकिन उन्हें एमएस से सूचना मिली है कि चिकित्सक ज्वाइनिंग के बाद अभी तक गैरहाजिर है। इस संबंध में उन्होंने रिपोर्ट बनाकर आला अधिकारियों को सौंप दी है। एक ही डाक्टर द्वारा सेवाएं देने के कारण गायनी ओपीडी में अधिक भीड़ रहती है।
200 बिस्तरों के अस्पताल को 40 डाक्टरों की जरूरत
जोनल अस्पताल में रोजाना 1200 से 1500 की औसतन ओपीडी है। इसमें 70 फीसदी नए रोगी और 30 पुराने रोगी होते हैं। सरकार ने इस अस्पताल को 200 बिस्तरों कर दिया है। लेकिन चिकित्सकों की संख्या 22 से अधिक नहीं बढ़ाई है। हालांकि सभी 22 पोस्टें भर दी हैं। लेकिन ओपीडी के हिसाब से डॉक्टरों के पद कम हैं। हालांकि पूर्व सरकार के समय 100 बिस्तर अस्पताल में डेपुटेशन समेत 32 चिकित्सकों की तैनाती थी। लेकिन अब दोगुणा बिस्तरों की क्षमता होने पर चिकित्सकों की संख्या कम हो गई है।