टीका लगवाने के लिए निर्धारित आयु की किशोरियों को अगर विदेश जाना होगा तो उन्हें पहले यह सर्टिफिकेट दिखाना होगा तभी उन्हें विदेशों में एंट्री मिलेगी। इसके लिए पहले ही फार्म भरते समय ही इसका प्रमाण पत्र देना होगा। यह सर्टिफिकेट हर किशोरी को टीका लगाने के समय विभाग की ओर से दिया जा रहा है। प्रदेशभर में 14-15 वर्ष की 65 हजार किशोरियों को 90 दिनों में एचपीवी के टीके लगाए जाएंगे। 21 जून तक यह अभियान चलेगा। हालांकि शुरूआत अभी धीमी चल रही है। चिकित्सकों का दावा है कि इस टीके का असर 26 साल तक रहता है।
किशोरियों को एचपीवी का गार्डासिल-4 टीका लगवाया जा रहा है। यह मर्क एंड कंपनी द्वारा निर्मित है और वर्ष 2006 में यह बाजार में उतार दिया गया था। यह एक अमेरिका की बहुराष्ट्रीय फार्मास्यूटिकल कंपनी है। भारत में इसे इसके सहयोगी एमएसडी फार्मास्यूटिकल्स द्वारा वितरित किया जा रहा है। हालांकि निजी क्लीनिकों में यह टीका करीब 12 से 15 हजार रुपये में लगाया जाता है। मगर हिमाचल में यह निशुल्क लगाया जा रहा है।