मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू संबोधित करते हुए।
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सोलन जिले के अर्की में राज्य स्तरीय सायर मेले के समापन समारोह में सरकारी सीबीएसई स्कूलों में अगले तीन माह के भीतर 2,000 और शिक्षकों की नियुक्ति करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि शिक्षकों का चयन पूरी तरह योग्यता के आधार पर और बिना किसी सिफारिश के किया जा रहा है।
प्रत्येक सीबीएसई स्कूल में पांच से आठ शिक्षकों की नियुक्ति पहले ही की जा चुकी है। शेष पदों को भी शीघ्र भर दिया जाएगा। कहा कि निजी स्कूलों में सीबीएसई शिक्षा काफी महंगी है, जबकि सरकार सरकारी स्कूलों में भी इसी स्तर की सुविधाएं कम खर्च में उपलब्ध करवाने के लिए प्रयासरत है। सीएम ने दिग्गल, भूमती और जय नगर के स्कूलों को सीबीएसई करने की घोषणा की।
सीएम ने कहा कि उनके मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने से लगभग 3,000 करोड़ रुपये की बचत हुई है। इन संसाधनों का उपयोग विधवाओं, बच्चों और समाज के अन्य जरूरतमंद वर्गों के कल्याण के लिए चलाई जा रही योजनाओं में किया जा रहा है। कहा कि भ्रष्टाचार के माध्यम से अर्जित संपत्तियों को जब्त कर उन्हें गरीब एवं जरूरतमंद लोगों के कल्याण के लिए उपयोग किया जाएगा।
जल्द होगी 228 और चिकित्सकों की भर्ती
मुख्यमंत्री ने कहा कि मेडिकल कॉलेजों में 15 से 19 वर्ष पुराने उपकरणों के स्थान पर एम्स नई दिल्ली की तर्ज पर आधुनिक मशीनरी उपलब्ध करवाई गई है। अर्की में भी शीघ्र ही विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। कहा कि राज्य सरकार शीघ्र ही 228 और चिकित्सकों की भर्ती करेगी।
पूर्व सरकार ने किया था किशाऊ बांध की शर्तों को स्वीकार...
सुक्खू ने कहा कि पूर्व सरकार ने किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना की पूर्व निर्धारित शर्तों को स्वीकार कर लिया था। भाजपा की सरकार होती तो प्रदेश की जनता पर 3,000 से 5,000 करोड़ रुपये तक का अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता था और राज्य को 1,500 करोड़ रुपये तक की संभावित आय से भी वंचित होना पड़ सकता था। अंततः राज्य के हित में शर्तों पर समझौता किया गया।
बिना पंजीकरण जमीन का आवंटन होगा रद्द
सीएम ने पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए कहा कि बद्दी, बरोटीवाला और नालागढ़ में करीब 5,000 बीघा भूमि कुछ पसंदीदा उद्योगपतियों को बिना पंजीकरण शुल्क के आवंटित की गई, लेकिन अभी तक वहां कोई उद्योग स्थापित नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ऐसे आवंटनों को रद्द करने पर विचार कर रही है।