11 जून से सोलन में आंधी, गरज-चमक और बारिश के आसार, किसानों को जारी की गई सलाह
मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट
11 से 13 जून के बीच जिले में हल्की से मध्यम बारिश के आसार
मौसम के बदले मिजाज को देखते हुए विशेष एग्रो एडवाइजरी जारी
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। जिले में आगामी पांच दिनों में मौसम के मिजाज में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। नौणी विवि के मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार 9 और 10 जून को जिले के कुछ क्षेत्रों में लू (हीट वेव) चलने की संभावना है। इससे तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी। हालांकि, इसके बाद लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है।
विभाग ने पूर्वानुमान जताया है कि 11 से 13 जून के बीच जिले के अधिकांश स्थानों पर आंधी-तूफान, गरज-चमक और बिजली गिरने के साथ हल्की बारिश हो सकती है। इस दौरान अधिकतम तापमान 29 से 36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 16 से 19 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की उम्मीद है। मौसम विभाग ने किसानों और आम जनता को तेज धूप और अत्यधिक गर्मी के सीधे संपर्क से बचने की सलाह दी है। दोपहर के समय अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने और डिहाइड्रेशन से बचने के लिए पर्याप्त पानी पीने को कहा गया है। वहीं, 11 जून से शुरू होने वाले खराब मौसम के दौरान गरज-चमक और बिजली गिरने की स्थिति में खेतों में काम करने से बचने, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की चेतावनी दी गई है।
कवकनाशी का छिड़काव करने की सलाह
मौसम के इस उतार-चढ़ाव को देखते हुए नौणी विश्वविद्यालय के कृषि विशेषज्ञों ने फसलों और पशुओं के बचाव के लिए सुझाव दिए हैं। इसमें 11 जून के बाद नमी बढ़ने से सेब के बागानों में स्कैब और अल्टरनेरिया लीफ स्पॉट का खतरा बढ़ सकता है। लक्षण दिखने पर 13 जून (मौसम साफ होने पर) के बाद ही कवकनाशी का छिड़काव करें। जिन बागवानों की खुबानी की फसल पक चुकी है, वे नुकसान से बचने के लिए 11 जून से पहले ही तुड़ाई कर लें।
टमाटर के पौधों को सहारा दें
टमाटर के पौधों को गिरने से बचाने के लिए तुरंत सहारा (स्टेकिंग) दें और जलभराव से बचने के लिए खेतों में जल निकासी की नालियां बनाएं। खीरे की फसल को लाल कद्दू भृंग कीट से बचाने के लिए पारंपरिक तरीके से गोबर की राख का बुरकाव करें। लू के दौरान पौधों के थालों में 10 सेंटीमीटर मोटी सूखी घास की मल्चिंग (तहत) बिछाएं और फसलों में सिंचाई केवल सुबह या शाम के समय ही करें।