संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। अतिरिक्त जिला सत्र न्यायाधीश (पोक्सो) सोलन परविंद्र अरोड़ा की अदालत ने 13 वर्षीय बेटी के साथ दुष्कर्म के दोषी पिता को उम्रकैद की सजा और 10,000 रुपये जुर्माना लगाया।
जुर्माना अदा नहीं करने की एवज में दोषी को दो महीने का साधारण कारावास भुगतना होगा। अदालत ने सोमवार को दुष्कर्म के आरोप में पिता को दोषी करार दिया था जबकि सजा पर फैसला सुरक्षित रख लिया था। बुधवार को कोर्ट ने दोषी को उम्रकैद की सजा सुनाई।
जानकारी के अनुसार दोषी पिता नरेंद्र और उसकी बेटी जिला मुख्यालय सोलन में अस्थायी तौर पर रहते थे। नरेंद्र निवासी सुदनपुर जिला बरेली उत्तर प्रदेश का रहने वाला है और नौणी में ठेकेदार के पास काम करता है। 18 अगस्त 2020 को प्रधान ग्राम पंचायत नौणी ने एक शिकायत पत्र महिला थाना सोलन में दिया।
इसमें आरोप लगाया कि 13 वर्ष की नाबालिग लड़की के साथ उसका पिता गलत कार्य करता है और जान से मारने की धमकी भी देता है। पीड़ित ने यह भी बताया कि उनकी माता उसे और उसके भाई को बचपन में ही छोड़ कर चली गई।
पिता उसे बहुत तंग करता है। दोषी के खिलाफ 18 अगस्त 2020 को 376, 506 आईपीसी और धारा-6 पोक्सो एक्ट के तहत महिला थाना सोलन में एफआईआर दर्ज की गई। दोषी अभी भी न्यायिक हिरासत में है। अदालत फैसला मंगलवार को दोषी को सजा सुनाई सुनाएगी। अभियोजन पक्ष से सुनील वासुदेवा ने पैरवी की।