सोलन। जिला के विकास के लिए सरकारी अधिकारी कितने सजग हैं, यह उनकी बैठकों में उपस्थिति से साफ जाहिर हो जाता है। जिला परिषद सोलन की दो सप्ताह के भीतर दो अहम बैठकें हुईं, लेकिन कई अधिकारियों ने इन बैठकों में शामिल होना जरूरी नहीं समझा। 18 अगस्त को हुई जिला परिषद की बैठक से कई अधिकारी नदारद रहे थे, जिसके बाद बैठक को स्थगित कर दिया गया था। मंगलवार 30 अगस्त को फिर से जिला परिषद की विशेष बैठक बुलाई गई, लेकिन इसमें भी पांचों खंड विकास कार्यालय, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, विद्युत उपमंडल अर्की के साथ ही कई अधिकारियों ने बैठक में हिस्सा लेने में रुचि नहीं दिखाई।
जिला परिषद सदस्यों ने कहा कि अधिकारी उन्हें गंभीरता से नहीं लेते और न ही बैठकों में आते हैं। वहीं, बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिला परिषद अध्यक्ष रमेश ठाकुर ने बैठक से नदारद रहे अधिकारियों को नोटिस जारी करने के आदेश दिए हैं। अधिकारियों से जवाब तलब करने के साथ ही उनके खिलाफ कार्रवाई भी होगी।
गौर हो कि बीते 18 अगस्त को हुई जिला परिषद की बैठक से अधिकांश अधिकारी नदारद रहे थे। ऐसे में दोबारा से विशेष बैठक बुलाने का निर्णय लिया गया था। मंगलवार को हुई बैठक में भी कई अधिकारी नहीं पहुंचे और अधिकारियों की कुर्सियां खाली रहीं। जिला पंचायत अधिकारी रमेश मिन्हास ने बैठक की कार्यवाही का संचालन किया। मंगलवार को हुई बैठक में जिला परिषद सोलन की उपाध्यक्ष कमलेश पंवर, जिला परिषद के सदस्य समेत गिने चुने विभागों के वरिष्ठ अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।
अधिकारियों के पास नहीं है जवाब
जिला परिषद सदस्य रीना देवी ने कोटबेजा पंचायत की गुनाई सड़क की खस्ताहालत का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि लोक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता कुछ बोलते हैं और उनके अधीन के कर्मचारी कुछ और। पहले बताया गया कि सड़क में पैचवर्क किया जा रहा है और अब बोल रहे यह नहीं हो सकता। जिला परिषद सदस्य ने कहा कि 11 नवंबर 2021 से बैठक में गुनाई सड़क का मामला उठाया जा रहा है। सड़क की हालत खराब हो चुकी है, मगर अभी तक इसमें कोई कार्य नहीं हुआ। उधर, अधिशाषी अभियंता ने कहा कि बरसात के बाद पैचवर्क कर दिया जाएगा।
कार्यों के प्रस्ताव देने से पूर्व विभागीय अधिकारियों से करें चर्चा
जिला परिषद अध्यक्ष ने कहा कि जिला परिषद सदस्य विकास कार्यों का प्रस्ताव देने से पहले संबंधित विभागों से चर्चा करें, ताकि मुद्दों का समय पर समाधान हो सके और विकास कार्य हों सकें। उन्होंने अधिकारियों को आदेश दिए गए कि जिला परिषद सदस्यों द्वारा उठाए गई समस्याओं का समय पर निवारण करें और प्रस्तावों को भी गंभीरता से लें। बैठक में पेयजल, सड़क, रास्ते और भवन निर्माण सहित अन्य समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई।