शहर जल्द ही पांच हजार से अधिक एलईडी स्ट्रीट लाइटों की दूधिया रोशनी से चमकेगा।
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शहर जल्द ही पांच हजार से अधिक एलईडी स्ट्रीट लाइटों की दूधिया रोशनी से चमकेगा। नगर परिषद सोलन में पथ प्रकाश की सुविधा में पहली बार बड़ा बदलाव होने जा रहा है। इसकी कवायद शुरू हो गई है। स्ट्रीट लाइटों की देखरेख और मरम्मत कार्य का जिम्मा बिजली बोर्ड से छीनकर अब निजी कंपनी को दे दिया है।
शहरी विकास विभाग और नगर परिषद ने दिल्ली की इस कंपनी से करार कर लिया है। इसके तहत शहर के सभी 15 वार्डों में पुरानी स्ट्रीट लाइटों की जगह अब एलइडी लाइटें लगाई जाएंगी। इसके लिए 50 लाख का बजट मंजूर हो चुका है। वार्डों में सर्वे का कार्य शुरू कर दिया है ताकि पांच हजार स्ट्रीट लाइटों की जगह चिन्हित हो सके।
वर्तमान में अधिकांश पथ प्रकाश की सुविधा ठप पड़ी है। रात का अंधेरा कई शातिरों के हौसले चोरी और लूटपाट आदि करने के लिए बुलंद करता है। शहर में लगने वाले सभी एलईडी लाइटों से रात में शहर में बेहतर चौकसी हो सकेगी। शहर में कई ऐसी जगह हैं जहां बेहतर पथ प्रकाश नहीं होने से हर समय किसी अप्रिय घटना का डर बना रहता था। यहां तक कि रात होते ही स्थानीय लोग भी इन रास्तों पर चलने से परहेज ही करते हैं। ऐसे में शहर में लगने वाली यह एलईडी लाइटेें किसी वरदान से कम नहीं होंगी।
खुद ऑन ऑफ होंगी लाइटें
अकसर देखा जाता है कि यदि पथ प्रकाश की सुविधा दुरुस्त हो तो कर्मचारियों की कोताही के चलते कई बार दिन में लाइटें जलती दिखती हैं। लेकिन यहां ऐसा नहीं होगा। इन सभी एलईडी स्ट्रीट लाइटों के पोल पर एक टाइमर सेट होगा। इसकी मदद से शाम को तय समय पर खुद ही लाइटें जल जाएंगी और सुबह होते ही तय समय पर ऑफ भी हो जाएंगी। इससे सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि बिजली की बर्बादी जहां कम होगी वहीं बिल भी कम आएगा।
विद्युत बोर्ड को यह हो रही थी दिक्कत
नगर परिषद के ईओ बीआर नेगी ने बताया कि अभी शहर में सभी स्ट्रीट लाइटों का रखरखाव बिजली बोर्ड के हाथों में है। अक्सर शहर में कहीं भी लाइट खराब होने की शिकायत मिलने पर बिजली बोर्ड कर्मचारियों की कमी की बात कह कर अपना पल्ला झाड़ देता है। इससे खराब पड़ी स्ट्रीट लाइटों को ठीक करने में हफ्ते लग जाते हैं। लेकिन अब निजी कंपनी के साथ करार होने से स्ट्रीट लाइटों का जिम्मा इनके पास होगा।
70 फीसदी बिल कम आएगा
नगर परिषद अध्यक्ष पवन गुप्ता ने कहा कि नई व्यवस्था से नगर परिषद को मुनाफा होगा। इससे वर्तमान की पथ प्रकाश सुविधा के मुकाबले 70 फीसदी बिल कम आएगा। वहीं सात साल तक कंपनी मरम्मत और रखरखाव देखेगी। करार के तहत नोल और अन्य चीजों के बदलने वाला सारा स्क्रेप कंपनी का ही होगा। कहा कि कार्य जल्द ही शुरू किया जाएगा और जून माह में शूलिनी मेले से पहले यह नई व्यवस्था शुरू होगी।