ईएसआई अस्पताल बुखार में शिकायत लेकर पहुंचा था रोगी
अस्पताल प्रभारी ने जारी की एडवाइजरी, टेस्ट भी बढ़ाए
संवाद न्यूज एजेंसी
परवाणू(सोलन)। औद्योगिक क्षेत्र परवाणू के समीपवर्ती दत्यार स्थित ईएसआई अस्पताल में डेंगू का पहला मामला सामने आते ही स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। मामला आते ही विभाग ने आसपास के इलाकों में एहतियाती कदम उठाने और निगरानी बढ़ाने के निर्देश जारी कर दिए हैं। मरीज की कोई हिस्ट्री भी नहीं है। वह काफी समय से दत्यार व परवाणू क्षेत्र से बाहर नहीं गया। इससे अब विभाग की चिंता और बढ़ गई है क्योंकि इससे साफ है कि परवाणू क्षेत्र में ही डेंगू का मच्छर पनपा है।
स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार, पूर्व में परवाणू और आसपास के पंचायती क्षेत्रों में स्थित अवैध झुग्गी बस्तियों के कारण डेंगू के मामलों में भारी बढ़ोतरी दर्ज की जाती थी। हालांकि, उच्च न्यायालय के सख्त निर्देशों के बाद अवैध झुग्गियों को हटाए जाने से संक्रमण के प्रसार पर ब्रेक लगा था और मामलों में काफी कमी आई थी। लेकिन अब सीजन की शुरुआत में पहला मामला आने के बाद विभाग कोई ढील नहीं बरतना चाहता। इसमें नगर निगम को फॉगिंग बढ़ाने के लिए बोल दिया गया है। वहीं जिस क्षेत्र से मामला आया है, वहां पर भी अब फॉगिंग बढ़ाई जाएगी।
ईएसआई अस्पताल की प्रभारी डॉ. ज्योति ने बताया कि क्षेत्र में डेंगू का सीजन शुरू हो चुका है। उन्होंने स्थानीय निवासियों, दुकानदारों और उद्योगपतियों से अपील की है कि वे अपने आसपास साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें और कहीं भी पानी जमा न होने दें। यह रोगी बुखार की शिकायत लेकिन अस्पताल आया था, जिसकी जांच करने के बाद डेंगू पाया गया।
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डेंगू के मुख्य लक्षण
तेज बुखार के साथ सिरदर्द और आंखों के पीछे दर्द होना
मांसपेशियों, जोड़ों और हड्डियों में असहनीय दर्द (हड्डी तोड़ बुखार)।
शरीर पर लाल रंग के चकत्ते (रैशेज) पड़ना।
जी मिचलाना, उल्टी होना और अत्यधिक थकान महसूस होना।
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बचाव के लिए क्या करें और क्या न करें
बाहर निकलते समय पूरी बाजू की कमीज और पूरी पैंट पहनें ताकि मच्छर काटने का जोखिम न रहे।
शरीर के खुले हिस्सों पर मॉस्किटो रिपेलेंट क्रीम या स्प्रे का प्रयोग करें।
घरों, दुकानों, कूलर, गमलों और पुरानी टायरों में पानी इकट्ठा न होने दें।
पानी की टंकियों को ढककर रखें और हफ्ते में एक बार सुखाकर साफ करें।
बुखार या अन्य लक्षण महसूस होने पर खुद दवा लेने के बजाय तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं।