वर्ष 2017 में टाइल्स टेंडर की निविदाओं में मिली थीं अनियमितताएं
विजिलेंस ने मामला किया दर्ज, जांच शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी
परवाणू(सोलन)। नगर परिषद परवाणू में वर्ष 2017 में पेवर टाइल्स खरीद घोटाले के आरोप में नप के कनिष्ठ अभियंता समेत दो अन्य अधिकारियों पर विजिलेंस सोलन ने मामला दर्ज किया है। इनमें कनिष्ठ अभियंता समेत नप परवाणू के पूर्व कार्यकारी अधिकारी और तत्कालीन सोलन के उप विभागीय अधिकारी शामिल हैं।
जानकारी के अनुसार 08 जून 2017 को परवाणू की सड़कों के कार्य के लिए भारी मात्रा में इंटरलॉक पेवर टाइल्स की खरीद के टेंडर आमंत्रित किए गए। 10 जुलाई 2017 को नप परवाणू में तीन कोटेशन प्राप्त होने पर सोलन उप विभागीय अधिकारी, कार्यकारी अधिकारी व कनिष्ठ अभियंता द्वारा तत्कालीन अध्यक्ष ठाकुर दास शर्मा की अध्यक्षता में कोटेशन खोले गए और चारों द्वारा हस्ताक्षर किए गए। इसमें एक निजी फर्म के टेंडर को स्वीकार किया गया और उसी दिन नेगोशिएशन की गई जिसमें 80 एमएम टाइल के 21 रुपये और 60 एमएम टाइल के 19 रुपये प्रति टाइल भरे गए, जबकि नप की ओर से 21 जून 2017 उद्योग विभाग से धन प्राप्त करने के लिए हाउस में प्रस्ताव डाला और उसी दिन टाइल्स के नमूनों की निविदा आमंत्रित की और उसी निजी फर्म को 14,805 टाइलों की सप्लाई का आर्डर दे दिया। आरोप है कि इसी प्रकार 21 जुलाई 2017 से 26 जुलाई 2017 तक कार्यकारी अधिकारी ने इस फर्म को कुल 11 सप्लाई आर्डर के माध्यम से 1,55,790 टाइल्स के आर्डर जारी कर दिए। साथ ही ठेकेदारों से एग्रीमेंट के तहत 851 रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से कटौती भी ठेकेदारों से वसूली गई। 01 अगस्त 2017 से 6 सितंबर 2017 तक निर्धारित फर्म से 1,33,453 टाइल्स 21 रुपये प्रति टाइल व 28 प्रतिशत जीएसटी के साथ खरीदी गई जिसकी कुल कीमत 35,05,578 रुपये नगर परिषद ने फर्म को अदा किए।
जांच में यह भी पाया गया कि अन्य दो फर्में जिन्होंने टेंडर भरा था वो टाइल निर्माण का कार्य नहीं करतीं। 2017 में कालका, पिंजौर व चरणीयां में टाइल निर्माण फर्मों द्वारा 12 रुपये प्रति टाइल परवाणू में पहुंच दी जा रही थी। जांच में पाया गया कि कुल आर्डर हुई 13,3,453 टाइलों में से 2,000 टाइलें स्टॉक रजिस्टर में कम दर्ज की गई थीं और फर्म को पूरी टाइलों का पैसा दे दिया गया। साथ ही ठेकेदारों से भी 2,000 टाइल की कटौती कम की गई। विजिलेंस ने तीनों पूर्व अधिकारियों के खिलाफ निविदाओं में अनियमितता पाए जाने पर मामला दर्ज किया गया है। मामले की पुष्टि एएसपी विजिलेंस सोलन श्वेता ठाकुर ने की है।