प्रथम चरण में तीन बावड़ियों के कार्य शुरू होंगे
नगर परिषद ने कार्य के लिए लगाए 15 लाख के टेंडर
संवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़(सोलन)। नगर परिषद नालागढ़ के तहत शहर के अधीन आने वाले प्राकृतिक जलस्रोतों का जीर्णोद्धार 15 लाख रुपये की लागत से किया जाएगा। इसके रखरखाव के साथ इसे पूरी तरह से सफाई कर दुरूस्त बनाया जाएगा। ताकि इनका पानी प्रयोग में लाया जा सके। इसके लिए नगर परिषद द्वारा प्रथम चरण में तीन बावड़ियों के कार्य शुरू करने जा रही है। जिनमें 2 का जीर्णोद्धार और एक नई बावड़ी का निर्माण होगा। क्षेत्र में गर्मी के मौसम में क्षेत्र का तापमान 45 डिग्री पार हो जाता है। ऐसे में शहर में होने वाली जल शक्ति विभाग की जलापूर्ति में भी कई बार परेशानी आ जाती है, जिससे शहर में पेयजल के लिए मारा मारी हो जाती है। ऐसी स्थिति से निपटने के लिए इन बावड़ियों का पानी भी उपयोग में लाया जा सकेगा।
जानकारी के अनुसार नालागढ़ शहर में ऐसे प्राचीन कुएं और बावड़ियां हैं, जिनका जल प्रयोग में लाया जाता रहा है, लेकिन इनकी अनदेखी के कारण यह जीर्णशीर्ण अवस्था में आ गए हैं, ऐसे में पानी का सही इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है। अब परिषद इन प्राकृतिक स्त्रोतों की मरम्मत कर उपयोग में लाएगी, ताकि यह प्राकृतिक स्रोत स्वच्छ बन सके और इनका पानी गर्मियों में भी लोग प्रयोग में ला सकें।
नालागढ़ शहर में कई ऐसे प्राकृतिक स्त्रोत हैं, जिनका पानी अब प्रयोग में लाया जा सकेगा। नगर परिषद द्वारा प्रथम चरण में वार्ड 3 स्थित चोए वाले मंदिर के पास खस्ता हालत में पड़ी बावड़ी में करीब 4.50 लाख की लागत से उसकी मरम्मत कर टाइल वर्क कर किया जाएगा। इसी के समीप बाबा भारती मंदिर में स्थित बावड़ी का 4 लाख रुपये की लागत से प्लास्टर वर्क के बाद टाइल का कार्य किया जाएगा। इसी वार्ड में माता के मंदिर के पास करीब 6 लाख की लागत से नई बावड़ी का निर्माण होगा। यहां पर प्राकृतिक रूप से जल प्रवाह हो रहा है और परिषद के संज्ञान में आते ही इस जल का उपयोग करने के लिए यहां बावड़ी बनाने की योजना बनाते हुए अमलीजामा पहनाया जा रहा है। इसके अलावा अन्य प्राचीन बावड़ियों का दूसरे चरण में काम होगा।
नगर परिषद नालागढ़ की अध्यक्ष अलका वर्मा ने बताया कि प्रथम चरण में तीन बावड़ियों के करीब 15 लाख के टेंडर हो गए हैं और जल्द ही इनका कार्य शुरू कर दिया जाएगा।