हर माह बच्चों को च्वाइस के अनुसार विशेषज्ञ देंगे कॅरिअर के लिए टिप्स
नशे के खिलाफ जागरूक करने आएंगे डॉक्टर व पुलिस अधिकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। जिले के सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों के भविष्य को संवारने और उन्हें सामाजिक बुराइयों से बचाने के लिए एक महत्वपूर्ण योजना तैयार की है। शिक्षा विभाग के नए निर्देशों के अनुसार अब जिले के प्रत्येक स्कूल में हर महीने कॅरिअर काउंसिलिंग और नशा विरोधी जागरूकता सत्रों का आयोजन अनिवार्य रूप से किया जाएगा। अकसर देखा जाता है कि दसवीं और जमा दो कक्षा के बाद विद्यार्थी अपने भविष्य और विषयों के चुनाव को लेकर असमंजस में रहते हैं। इस समस्या के समाधान के लिए विभाग अब स्कूलों में विशेषज्ञों को आमंत्रित करेगा। ये विशेषज्ञ बच्चों की रुचि और च्वाइस के अनुसार उन्हें कॅरिअर के विभिन्न विकल्पों की जानकारी देंगे। विद्यार्थियों को बताया जाएगा कि पारंपरिक क्षेत्रों के अलावा आधुनिक युग में विज्ञान, तकनीक और कौशल आधारित क्षेत्रों में क्या संभावनाएं हैं। इसके अलावा युवा पीढ़ी को नशे की गर्त में जाने से रोकने के लिए स्कूलों में विशेष जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। इसके तहत स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टर बच्चों को नशे के शारीरिक और मानसिक दुष्प्रभावों के बारे में वैज्ञानिक जानकारी देंगे। पुलिस विभाग के कर्मी विद्यार्थियों को नशे के कानूनी परिणामों और साइबर अपराधों के प्रति सचेत करेंगे। पुलिस कर्मियों का उद्देश्य बच्चों के मन से वर्दी का डर निकालकर उन्हें पुलिस मित्र बनाना है, ताकि वे समाज में फैल रहे नशे के खिलाफ सूचना साझा कर सकें।
खंड स्तर पर आयोजित बैठकों में भी दिए निर्देश
उच्च शिक्षा उपनिदेशक गोपाल सिंह चौहान ने कहा कि हाल ही में जिलेभर के शिक्षा खंडों में वार्षिक बैठक आयोजित की गई थी। इस दौरान भी सभी स्कूलों के प्रमुखों को इस संबंध में निर्देश भी दिए गए है। इसके अलावा, स्कूलों में अभ्यास हिमाचल कार्यक्रम को 100 प्रतिशत प्रभावी बनाने और मिड-डे मील में पोषण बढ़ाने के लिए मशरूम उत्पादन जैसी गतिविधियों को भी जोड़ा जा रहा है।