क्षेत्रीय अस्पताल में चिकित्सक काले बिल्ले लगाकर उपचार करते हुए। संवाद
एनपीए समेत चार प्रमुख मांगों को लेकर चल रहा विरोध प्रदर्शन
सरकार से बात होने के बाद ही चिकित्सक लेंगे आगे निर्णय
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। जिलेभर के अस्पतालों में चिकित्सकों ने दसवें दिन भी काली पट्टी लगाकर विरोध किया। सरकार की ओर से मांगे पूरी न होने पर विरोध प्रदर्शन जारी है। हालांकि इससे पहले 24 जनवरी तक ही काली पट्टी लगाकर विरोध करने का निर्णय लिया था। लेकिन सरकार की ओर से कोई भी बात न होने पर चिकित्सकों ने विरोध को 31 जनवरी तक करने का फैसला लिया था। शनिवार सुबह भी चिकित्सकों ने बैठक की और काली पट्टी लगाई।
वहीं संघ के अध्यक्ष डॉ. कमल अटवाल ने बताया कि उनकी मुख्य पांच मांगें हैं जिसमें नान प्रैक्टिस अलाउंस (एनपीए) को बहाल करना प्रमुख मांग है। उन्होंने कहा कि बीते काफी समय से इसे लेकर मांग चल रही है, मगर सरकारें इस ओर ध्यान नहीं दे रही। कई बार डॉक्टर प्रदर्शन कर चुके हैं, हर बार केवल आश्वासन ही मिला। साथ ही 4-9-14 की बहाली, एड्स कंट्रोल सोसायटी में परियोजना निदेशक का कार्यभार वापस स्वास्थ्य निदेशक को दिया जाए, पात्रता एवं वरिष्ठता के आधार पर निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं, जेडी, डीडी, सीएमओ, एसएमएस, बीएमओ को वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति दी जाए और किसी को भी सेवानिवृत होने के बाद एक्सटेंशन न दी जाए। इसके अलावा भी कई अन्य मांगें हैं। उन्होंने कहा कि फिलहाल वह काले बिल्ले लगाकर प्रदर्शन करेंगे। यदि जल्द ही उनकी मांगों को न माना गया तो राज्य प्रतिनिधियों के अनुसार आगामी रणनीति तैयार की जाएगी।