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बिना सूचना के कसौली में वाहनों की एंट्री महंगी

Wed, 01 Jun 2016 10:43 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सोलन
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बिना पूर्व सूचना के सेना ने कसौली में वाहनों का प्रवेश शुल्क 10 से लेकर 100 रुपये तक बढ़ा दिया है। - फोटो : tax
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बिना पूर्व सूचना के सेना ने कसौली में वाहनों का प्रवेश शुल्क 10 से लेकर 100 रुपये तक बढ़ा दिया है। अचानक सुबह सेना ने ठेकेदार से बैरियर की कमान ले ली और अपने जवानों की तैनाती कर दी। इसके बाद बढ़ी प्रवेश शुल्क की दरों पर पर्चियां काटना शुरू कर दीं। तर्क दिया कि छावनी बोर्ड की बैठक में यह फैसला हो चुका है। इसे नियमानुसार इंपलीमेंट करना पड़ा है। एकदम हुए इस बदलाव से स्थानीय लोग और निजी बस, कार और अन्य मालवाहक आपरेटर हैरत में दिखे। वहीं स्थानीय लोगों में इसे लेकर खासा रोष दिखा।

पिछले कई वर्षों से बैरियर को सालाना ठेके पर दिया जा रहा था और ठेकेदार के माध्यम से ही बैरियर को चलाया जा रहा था। कसौली में वीकेएंड पर चंडीगढ़, हरियाणा और आपास के क्षेत्रों के अलावा अन्य बाहरी राज्यों का भारी भरकम जमावड़ा रहता है। वाहनों के प्रवेश की बढ़ी एंट्री सैलानियों की जेब पर भारी पड़ेगी।
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हर बार एंट्री पर वसूल रहे टैक्स
लोगों में देवेंद्र, सुनील कुमार, मनोज सिंह और प्रवीण कुमार का दावा है कि यह देश में एक मात्र स्टेशन है जहां इतना भारी-भरकम प्रवेश शुल्क वसूला जा रहा है। पार्किंग नाम की कोई सुविधा नहीं है। कसौली में बैरियर पर काटे जाने वाला प्रवेश शुल्क दिन में जितनी बार प्रवेश करो हर बार वसूला जाता है। लोगों ने केंद्र सरकार से इस मसले में हस्तक्षेप करके राहत की गुहार लगाई है।

किस बात का वसूल रहे पार्किंग शुल्क
लोगों का कहना है कि प्रवेश शुल्क के साथ पार्किंग शुल्क भी वसूला जा रहा है। लेकिन कसौली छावनी परिषद में पार्किंग नहीं है। यहां पार्किंग करने के लिए स्थान ही नहीं है। लिहाजा अगर पार्किंग फीस वसूली जा रही है तो पार्किंग मुहैया भी करवाई जाए। अन्यथा पार्किंग फीस वसूलना बंद करें। हालांकि येलो लाइन की व्यवस्था कर दी है लेकिन वहां केवल 200 गाड़ियां ही पार्क होने का प्रावधान है।
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मार्च में हो गया था टेंडर रद्द
बैरियर पिछले कई सालों से ठेके पर चल रहा था। मार्च में बैरियर 81.50 लाख में अगले एक वर्ष के लिए नीलाम हुआ था लेकिन छावनी बोर्ड की बैठक में यह पास नहीं हो सका था। इसके बाद दोबारा से टेंडर आमंत्रित किए गए। इसमें 12 मई तक ऑनलाइन लगभग छह टेंडर आए लेकिन किसी भी टेंडर भरने वालों की हार्ड कापी 19 मई तक छावनी प्रशासन के पास नहीं पहुंची और बीस मई को टेंडर प्रक्रिया रद्द हो गई। ऐसे में नए टेंडर की प्रक्रिया के लिए बोर्ड में निर्णय होना था लेकिन बोर्ड की बैठक में बैरियर स्वयं छावनी प्रशासन द्वारा चलाने का निर्णय हुआ।

ये है नए और पुराने प्रवेश शुल्क के रेट
वाहन                  एंट्री+पार्किंग  पुराना    एंट्री+पार्किंग नया
बाईक/स्कूटर          5+15= 20           5+25=  30
कार/जीप              15+50= 65         15+85=100
ट्रक/बस लोकल      30+70= 100       30+100=130
ट्रक बाहरी            30+500= 530      30+600=630
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