सोलन इंटक यूनियन की बैठक में सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर निशाना साधा गया। कांग्रेस भवन में आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता प्रदेश इंटक के सचिव एवं सोलन के प्रधान सुरजीत राणा ने की।
बैठक में सोलन, कसौली, धर्मपुर, कंडाघाट, सुबाथु, जौणाजी, ओच्छघाट, कुरगल, पटावरूरी, अश्विनी खड, भोजनगर तथा कुमारहट्टी के लगभग 178 कर्मचारियों ने भाग लिया। इस दौरान हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के वकील भी मौजूद रहे। साथ ही कर्मचारियों द्वारा सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य वृत्त (नाहन) की कार्यप्रणाली पर रोष व्यक्त किया। कर्मचारियों ने कहा कि चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की तृतीय श्रेणी के पदों के लिए विभागीय डीपीसी काफी समय से नहीं हुई है। इस कारण कर्मचारियों को प्रमोशन नहीं मिल रही।
उन्होंने कहा कि यूनियन वृत्त कार्यालय से कई बार मांग कर चुकी है। इसे हर बार अनसुना किया जाता है। इंटक सचिव एवं सोलन इकाई के प्रधान सुरजीत राणा ने कहा कि यदि एक माह के अंदर डीपीसी नहीं होती है तो यूनियन सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग (नाहन) के खिलाफ कड़े कदम उठाएगी। इसके लिए विभाग जिम्मेदार होगा। बैठक में यूनियन ने सिंचाई जन स्वास्थ्य विभाग की उठाऊ पेयजल योजनाओं को आउटसोर्स करने का भी विरोध किया है।
यूनियन ने मांग की कि सेवानिवृत्ति के बाद खाली पड़े स्थानों पर जल्द से जल्द नई नियुक्तियां की जाएं। यूनियन ने रोष जताते हुए कहा कि पंप ऑपरेटर, फीटर और इलेक्ट्रीशियन की पदोन्नति न होने पर वह कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। उन्होंने कहा कि दूसरी श्रेणियों की अपेक्षा इन श्रेणियों पर कार्यरत कर्मचारी 25 सालों से बिना किसी पदोन्नति के सेवानिवृत्त हो रहे हैं। बार-बार मांग करने पर भी विभाग द्वारा कर्मचारियों की पदोन्नति को लेकर कोई ठोस नियम नहीं बनाए गए हैं। इस दौरान कर्मचारियों ने बजट पर चर्चा की और इसे सभी वर्गों के लिए संतोषजनक बताया। इस दौरान महासचिव नीताराम, वरिष्ठ उपप्रधान घनश्याम ठाकुर, इंद्र सिंह, सुरेंद्र कुमार, दीनदयाल शर्मा, यशपाल शर्मा, धर्मपाल और दीपकराज नेता मौजूद रहे।