सरकार की ओर से रेट निर्धारित न होने से अभी तक नहीं भेजे गए किसानों के गेहूं के बिल
61 किसानों ने गेहूं विभाग को बेचने के बजाय सीधे व्यापारियों को बेच दिया
संवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़ (सोलन)। बीबीएन क्षेत्र के गेहूं बीज उत्पादक किसानों को इस बार भी भुगतान के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। कृषि विभाग ने अब तक 75 किसानों से 4,400 क्विंटल गेहूं बीज की खरीद और ग्रेडिंग का कार्य पूरा कर लिया है, लेकिन सरकार की ओर से खरीद मूल्य निर्धारित न होने के कारण किसानों को भुगतान नहीं हो पाया है। रेट तय न होने से विभाग किसानों के बिल भी स्वीकृति के लिए नहीं भेज सका है। इस वर्ष नालागढ़ क्षेत्र में करीब 650 हेक्टेयर भूमि पर 295 किसानों ने गेहूं बीज का उत्पादन किया, जो पिछले वर्ष के 810 हेक्टेयर क्षेत्रफल से 160 हेक्टेयर कम है। किसानों का कहना है कि भुगतान में लगातार हो रही देरी के कारण बीज उत्पादन के प्रति उनका रुझान घट रहा है। यही वजह रही कि इस बार 61 किसानों ने अपना गेहूं विभाग को बेचने के बजाय सीधे व्यापारियों को बेच दिया। पिछले करीब 20 दिनों से नालागढ़ कृषि फार्म में गेहूं बीज की ग्रेडिंग का कार्य चल रहा है। विभाग ने अब तक 75 किसानों की 4,400 क्विंटल फसल की ग्रेडिंग पूरी कर ली है, जबकि करीब 150 किसानों की फसल की खरीद और ग्रेडिंग अभी शेष है। किसानों का कहना है कि अप्रैल में सामान्य गेहूं बेचने वाले किसानों को भुगतान मिल चुका है, लेकिन बीज उत्पादक किसानों को मई समाप्त होने के बावजूद पैसा नहीं मिला है।
बाजार में गेहूं का भाव 2585 रुपये प्रति क्विंटल
किसान सुच्चा सिंह, सुरमुख सिंह, विनोद ठाकुर और अमर चंद ने बताया कि वर्तमान में बाजार में गेहूं का भाव 2585 रुपये प्रति क्विंटल है। आमतौर पर गेहूं बीज का मूल्य बाजार भाव से करीब एक हजार रुपये अधिक निर्धारित किया जाता है। पिछले वर्ष प्रमाणित बीज का मूल्य 3,200 रुपये प्रति क्विंटल और फाउंडेशन बीज का मूल्य 3,400 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया था। किसानों का कहना है कि अधिक मूल्य मिलने की उम्मीद में वे बीज उत्पादन करते हैं, लेकिन भुगतान में देरी से उनका उत्साह कम हो रहा है।
कोट
75 किसानों की फसल की ग्रेडिंग पूरी हो चुकी है। सरकार की ओर से नया खरीद मूल्य निर्धारित होते ही किसानों के बिल स्वीकृति के लिए भेज दिए जाएंगे। शेष किसानों की फसल की ग्रेडिंग का कार्य भी जारी है।
डॉ. संदीप गौतम,एसएमएस,कृषि विभाग
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