रविवार को युवा मंडल स्पोर्ट्स क्लब कंगनवाल के सदस्यों ने कुछ उद्योग संचालकों पर नदी नालों में गंदा पानी छोड़ने पर रोष जताया है। युवाओं का कहना है कि उनके खेल मैदान के साथ लगते नाले में उद्योग गंदा पानी छोड़कर ग्रामीणों की सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं। प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड से ऐसे उद्योग संचालकों पर शिकंजा कसने की मांग की है।
क्लब के प्रधान मनदीप सिंह, प्रीतपाल सिंह, लखविंद्र सिंह, करतार सिंह, लक्की, गुरचरन सिंह, कर्मजीत सिंह, गुरविंद्र सिंह, जगजीत सिंह, सतनाम सिंह, मदन लाल, मनप्रीत, प्रकाश, दीपू, अमरजीत, जसविंद्र सिंह, मनदीप सिंह, रवि, हरदीप सिंह, गुरदीप सिंह, जसवंत सिंह, हरविंद्र सिंह, हरदेव सिंह आदि ने नदी नालों में छोड़े जाने वाले गंदे पानी का विरोध किया है और सरकार से मांग की है कि गंदा पानी छोड़ने वाले उद्योगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के साथ भारी जुर्माना लगाना चाहिए।
इनका कहना है कि कुछ सालों पहले उनके गांव में साथ लगती खड्डों का पानी बिलकुल साफ था, जिसमें गांव के बच्चे नहाया करते थे और गांववालों के पशु नदी का पानी पिया करते थे, लेकिन आज पानी इतना गंदा है जिसे हर कोई हाथ लगाने से डरता है कि कहीं चर्म रोग ना लग जाए।
युवा मंडल के सचिव जसवंत सिंह ने बताया कि कुछ गांव वाले इंजन व ट्यूबवेल के द्वारा इस नदी के गंदे पानी से खेतों की सिंचाई करते हैं और उनके पास सिंचाई का अन्य कोई स्रोत नहीं है। उन्हें इस नदी पर ही आश्रित रहना पड़ता है। जिससे किसानों में चर्म रोग होने का डर बना रहता है।
वहीं कृषक सलाहकार समिति के चेयरमैन करनैल सिंह सैणी ने बताया कि चिकनी खड्ड से ट्यूबवेल द्वारा पानी उठाकर भूमि की सिंचाई की जाती है, लेकिन नदी के गंदे पानी के कारण किसानों की भूमि को नुकसान पहुंच रहा है और फसलों को कई बीमारियां भी लग रही है। गंदे पानी को लेकर प्रशासन से कई शिकायतें भी की जा चुकी है लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है।