बरोटीवाला में सीवरेज के पानी में बैठी स्थानीय ग्रामीणों की भैंसे व गाय- संवाद।
पेयजल आपूर्ति में गंदगी मिलने की आशंका, क्षेत्र में जलजनित बीमारियां फैलने का बढ़ा डर
सीवरेज लाइन न होने का दंश झेल रहे लोग
आदित्य चड्ढा
बरोटीवाला (सोलन)। बरोटीवाला में जलशक्ति विभाग के पंप हाउस के समीप सीवर का गंदा पानी जमा हो गया है। इससे अब पीने के पानी में इसके मिलने की संभावना बढ़ गई है। अगर विभाग व प्रशासन ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की तो यहां पर महामारी फैलने खतरा बढ़ जाएगा। प्रदेश का सबसे पुराने औद्योगिक क्षेत्र बरोटीवाला में सीवरेज लाइन नहीं बिछी है। लोगों ने अपने घरों की सीवरेज का पानी बाजार के साथ ही खड्ड में छोड़ा है। वर्तमान में यह सीवरेज का पानी जलशक्ति विभाग के पंप हाउस के समीप एक तालाब के रूप में जमा हो गया है। इस गंदे तालाब में लोगों की दूध देने वाली भैंसे गर्मी से बचने के लिए बैठ रही है। इसके ठीक साथ में जलशक्ति विभाग का पंप हाउस है। जहां पर लगे ट्यूबवेल से पानी लिफ्ट किया जाता है। सीवरेज का पानी अगर पीने के पानी के ट्यूबवेल में मिलता है तो लोग गंभीर बीमारी की चपेट में आ सकते है।
बरोटीवाला पंचायत के पूर्व उपप्रधान गुरबख्श खन्ना ने बताया कि बरोटीवाला में सीवरेज लाइन नहीं बनी है। लोगों ने अपने घरों में गड्ढे खोद रखे हैं। कुछ लोग पंचायत की ओर से बनाई गई गंदे पानी की निकासी की नाली में अपना सीवरेज छोड़ रहे हैं। यह गंदा पानी पुरानी सब्जी मंडी के साथ नाले में गिरता है। यह नाला हेलीपैड व जलशक्ति विभाग के पानी के ट्यूबवेल व स्टोर टैंक के साथ बहता है। वर्तमान में पंप हाउस के समीप यह पानी जमा हो गया है। अगर यह गंदा पानी पीने के पानी में मिल जाता है तो यहां पर लोग जलजनित रोग की चपेट में आ जाएंगे। स्थानीय निवासी राजेंद्र राणा ने बताया कि इस बारे में उन्होंने जलशक्ति विभाग के अधिशासी अभियंता को अवगत कराया है। बरोटीवाला में सीवरेज के लिए उचित व्यवस्था कराने की मांग की है, जिससे लोग दूषित पानी से बचे रहे। संवाद
कोट
बरोटीवाला में सीवरेज लाइन की सख्त जरूरत है। यहां पर पूरी लाइन बिछाकर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने से ही इस गंदगी और समस्या से स्थायी रूप से छुटकारा मिल सकता है। इस विषय को लेकर विभाग के उच्च अधिकारियों से गंभीरतापूर्वक बातचीत की जाएगी।
-राहुल अबरोल, अधिशासी अभियंता, जलशक्ति विभाग