नालागढ़ इंडस्ट्री एसोसिएशन की बैठक में कई मुद्दों पर हुई चर्चा
संवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़ (सोलन)। नालागढ़ इंडस्ट्री एसोसिएशन की एक आम बैठक एसोसिएशन के संरक्षक संजीव अग्रवाल की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इस बैठक में प्रस्तावित श्रम संहिताओं के ड्राफ्ट नियमों, उद्योगों पर बढ़ते अनुपालन बोझ, डिजिटल कंप्लायंस और औद्योगिक संचालन से जुड़ी व्यावहारिक चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक के दौरान एसोसिएशन की ओर से नरेश कुमार ने ड्राफ्ट नियमों को लेकर उद्योगों के सुझाव और आपत्तियां सामने रखीं। उनका कहना था कि कई प्रावधान जमीनी हकीकत से दूर हैं, जिससे उद्योगों के लिए संचालन और अनुपालन दोनों स्तरों पर मुश्किलें बढ़ेंगी।
बैठक के दौरान नियम-4 के तहत भौगोलिक वेतन क्षेत्रों को नगर निगम, नगर परिषद, नगर पंचायत और ग्रामीण क्षेत्र जैसी चार श्रेणियों में बांटने के बजाय केवल शहरी और ग्रामीण दो श्रेणियों में रखने का सुझाव दिया गया, ताकि सीमाओं पर स्थित इकाइयों में भ्रम न हो। उद्योग प्रतिनिधियों ने मौजूदा अनुसूची-ए को आउटडेटेड बताते हुए कहा कि इसमें आधुनिक तकनीकी पदनाम शामिल नहीं हैं। मांग की गई कि उद्योगों को योग्यता, अनुभव और कार्य की प्रकृति के आधार पर प्रतिष्ठान स्तर पर ही कर्मचारियों के वर्गीकरण की अनुमति मिलनी चाहिए।सतत प्रक्रिया और शिफ्ट आधारित उद्योगों के लिए परिवहन व निरंतर उत्पादन की जरूरतों को देखते हुए अधिकतम कार्य घंटों की सीमा को 12 घंटे से बढ़ाकर 13 घंटे करने की मांग की गई। प्रतिस्थापित अवकाश की सुविधा को पांच दिन की समय-सीमा के बजाय उसी वेतन अवधि के भीतर उपलब्ध कराने का सुझाव दिया गया। इसके अलावा रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की अवधि 5 वर्ष से घटाकर 3 वर्ष करने की मांग उठी।
डाटा गोपनीयता और डिजिटल अनुपालन
कर्मचारी रजिस्टर में आधार नंबर, परिवार के विवरण और बायोमेट्रिक पहचान चिह्न जैसे संवेदनशील व्यक्तिगत डाटा को अनिवार्य करने पर चिंता जताई गई। उद्योगों की मांग है कि डाटा गोपनीयता बनाए रखने के लिए इन प्रावधानों को वैकल्पिक किया जाना चाहिए। वेतन पर्चियों को व्हाट्सएप, एसएमएस लिंक, ईमेल और कर्मचारी पोर्टल के जरिए जारी करने को वैध मान्यता दी जाए। साथ ही सभी नोटिस, रिटर्न और स्वीकृतियां इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर के साथ डिजिटल माध्यम से संचालित हों।
बद्दी-नालागढ़ फोरलेन में हो रही देरी पर जताया रोष
बैठक में बद्दी-नालागढ़ एनएच-105 फोरलेन परियोजना में हो रही देरी पर भी गहरा रोष व्यक्त किया गया। एनआईए के संरक्षक वीके जोशी ने दभोटा और रोपड़ सड़क की दयनीय स्थिति का मुद्दा उठाते हुए लोक निर्माण विभाग से इनकी तत्काल मरम्मत करवाने की मांग की। इस अवसर पर अधिवक्ता एवं कानूनी सलाहकार राजीव कुमार शर्मा ने भी अपने विचार रखे और अंत में सारा टेक्सटाइल के एचआर प्रबंधक राजेश ठाकुर ने अध्यक्ष व उपस्थित सभी सदस्यों का धन्यवाद किया।