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होली के ये रंग कहीं बिगाड़ न दें आपकी सूरत

Tue, 22 Mar 2016 10:23 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सोलन
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सोलन में होली को लेकर ‌प‌िचकारी खरीदतीं मह‌िलाएं। - फोटो : अमर उजाला
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होली में रंगों का महत्व अहम है। बिना रंग के इस पावन पर्व के मायने ही नहीं हैं। वहीं अगर यही रंग घटिया क्वालिटी के हैं तो जरा ध्यान रखें। चर्म रोग, आंखों में जलन और सिरदर्द से होली के रंग में भंग पड़ सकता है। लिहाजा सुरक्षित होली खेलें और त्योहार का लुत्फ उठाएं। हर्बल और बढ़िया क्वालिटी के रंगों से ही होली खेलें। बेफिक्र रहें यह रंग आपकी जेब पर भारी नहीं पड़ेंगे। 5 या 10 फीसदी बढ़ी कीमतों पर यह रंग बाजार में उपलब्ध हैं।
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सिर्फ गुलाल रंग ही बेहतर
त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. अजय कौशिक ने कहा कि चिकित्सकों की सलाह है कि होली में सिर्फ गुलाल रंग ही सुरक्षित है। तर्क है कि गुलाल गुलाब की पत्तियों से बनता है। इसमें मिश्रण नहीं होता। शेष रंगों में जिंक, सिलीकॅान और लैड की मिलावट संभव हैं। चाहे वह हर्बल ही क्यों न हो? हर्बल में भी इसकी मात्रा होती है लेकिन कम। नेत्र विशेषज्ञ डॉ. जितेंद्र कुमार ने कहा कि केवल हर्बल कलर का इस्तेमाल करें। रंग को आंखों में चश्मा जरूर पहनें और बार-बार आंखों को स्वच्छ पानी से साफ करते रहें।


घटिया रंग यानी इन रोगों को आमंत्रण
1- एग्जिमा: किसी प्रकार की त्वचा की एलर्जी को एग्जिमा कहते हैं। इससे खुजली होने के साथ लाल दाने और पानी वाले छाले त्वचा पर हो जाते हैं। साथ ही सूजन भी होती है।
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2-कोर्निया: आखों का लाल हो जाना, खारिश होना या धुंधला दिखने इसके लक्षण हैं। यह घातक हो सकता है, आंखों की रोशनी कम हो सकती हैं।

3-माइग्रेन: सिरदर्द की समस्या उत्पन्न हो सकती है। चक्कर आना भी इसके लक्ष्ण हैं। लिहाजा होली खेलते वक्त सावधानी जरूर बरतें।

होली मनाते समय यह बरतें सावधानियां
-रंग खेलने से पहले त्वचा पर कोल्ड या साफ्ट क्रीम की परत चढ़ा लें।
- हर्बल रंगों का करें प्रयोग हो सके तो गुलाल का ही करें प्रयोग
- आंखों पर न फेंकें रंग या चश्मा लगाएं
- हेयर आयल से अच्छी तरह बालों को लपेटें
- रंग लगने के बाद  बार बार को चेहरे पानी से धोएं
- आंखों में रंग जाए तो ठंडे पानी की छिंटें मार कर करें साफ।
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