बाजारों में बिना स्टैंडर्ड के गैस सिलेंडरों को नियमों को ताक पर रखकर बेचा जा रहा है।
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बाजारों में बिना स्टैंडर्ड के गैस सिलेंडरों को नियमों को ताक पर रखकर बेचा जा रहा है। सिलेंडरों में न तो आईएसआई सुरक्षा मानक और न ही किसी निर्माता के नाम प्रकाशित है। बाजार विशेष कर औद्योगिक क्षेत्रों में इस तरह के छोटे सिलेंडर जिनकी क्षमता पांच किलोग्राम तक रहती है बिना रोक टोक के बेचा जा रहा है। इन अवैध सिलेंडरों की 90 फीसदी खरीद प्रवासी कामगारों द्वारा की जा रही है। इस तरह के सब स्टैंडर्ड सिलेंडर आम आदमी की जान से भी खिलवाड़ कर रहे हैं।
बद्दी के लेबर चौक पर सिलेंडर फटने से एक मौत और छह लोगों के घायल होने के बाद इसका खुलासा हुआ है। इसमें पता चला है कि परिवार द्वारा खाना बनाने को प्रयोग किया जा रहा पांच किलो का सिलेंडर बिना किसी ब्रेंडनेम का था। इस हादसे ने विभागों की कार्यप्रणाली पर भी प्रश्न चिन्ह लगाया है। फायर ऑफिसर प्रकाश चंद ने कहा कि सिलेंडर पर आईएसआई मार्क अंकित नहीं है। डीसी राकेश कंवर ने कहा कि इस मामले में जांच के आदेश दिए जाएंगे।
एसडीएम ने दिए जांच के निर्देश
सब स्टैंडर्ड सिलेंडर के फटने से बद्दी में पेश आए हादसे के बाद एसडीएम नालागढ़ आशुतोष गर्ग ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। आशुतोष गर्ग ने कहा कि बद्दी गैस सिलेंडर विस्फोट में सब स्टैंडर्ड सिलेंडर प्रयोग की बात सामने आई है। पुलिस को इस संबंध में जांच के निर्देश दिए हैं। मामले में अगर किसी तरह की अवैध गतिविधि सामने आती है तो कानूनी कार्रवाई होगी।
14 उद्योगों में बन रहे आईएसआई मार्का सिलेंडर
बीआईएस की परवाणू शाखा के निदेशक डी चक्रवर्ती ने कहा कि गैस सिलेंडर का प्रयोग जीवन के जोखिम से जुड़ा है। इसका निर्माण करने वाले प्रदेश के सभी 14 उद्योगों द्वारा बीआईएस स्टैंडर्ड के तहत ही निर्माण किया जा रहा है।
छोटे सिलेंडरों की अवैध गैस भर्ती का कारोबार औद्योगिक क्षेत्रों में सबसे अधिक हो रहा है। पुलिस और सिविल सप्लाई विभाग की ओर से आए दिन इनकी धरपकड़ की जा रही है। इसके बावजूद यह अवैध कारोबार बड़ी आसानी के साथ किया जा रहा है। सिविल सप्लाई इंस्पेक्टर गिरीश नेष्टा ने कहा कि इस तरह की अवैध गतिविधि को लेकर पूर्व में भी कार्रवाई की है। नियमों के विपरीत सिलेंडरों का निर्माण कर उसे नहीं बेच जा सकता।