बद्दी सनसिटी मार्ग के साथ लगती हरियाणा की सीमा में प्रवासी कामगारों की झुग्गियां हर साल जलती हैं। यहां पर पिछले चार सालों से लगातार आग लग रही है। पिछले वर्ष 105 झुग्गियां जली थीं। इस वर्ष 80 झुग्गियां जली हैं। लगातार झुग्गियों में आग लगने के बावजूद भी लोग यहां पर रह रहे हैं। 80 परिवारों के पास ठंड से बचने के लिए अब कोई साधन नहीं बचा है। लोग छोटे बच्चों के साथ खुले आसमान के नीचे रात बीताने को मजबूर हो गए हैं। बरेली के सोनू, गुड़िया व बबलू ने बताया कि पिछले साल भी उनकी झुग्गी जली थी। उन्होंने दोबारा इसे तैयार किया था, लेकिन इस वर्ष भी उनकी झुग्गी जल गई है। बिहार के कटिहार जिले की सुनीता व गीता ने बताया कि उन्होंने जो कपड़े शरीर पर पहने हुए है वे ही बचे हैं।
विजय पाल ने बताया कि उसका रविवार को पीजीआई में मुंह के कैंसर का ऑपरेशन होना था। उसके लिए उसने चालीस हजार रुपये झुग्गी में रखे थे, जो जलकर राख हो गए हैं। बरेली की उमा ने बताया कि उसकी बेटी झुग्गी से अपने खिलौने खोज रही है। उसे यह पता नहीं है कि खिलौने जल गए हैं। देव कुमार, सुबोध, महावीर व चंद्रपाल ने बताया कि जिस समय आग लगी, उस समय यहां पर कोई नहीं था। अगर कोई छोटा बच्चा झुग्गी के अंदर रहता तो बड़ा नुकसान हो सकता था। फायर ऑफिसर किशोर कुमार ने बताया कि यह क्षेत्र हरियाणा में पड़ता है, इसलिए हरियाणा के अधिकारी ही इनकी मदद कर सकते हैं।