अमर उजाला ब्यूरो
दाड़लाघाट (सोलन)। अंबुजा सीमेंट कंपनी की कशलोग खदान में कामगार की मौत के बाद पनपा आक्रोश वीरवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। कंपनी प्रबंधन के खिलाफ मजदूर यूनियन हंगामा करती रही और कामकाज पूरी तरह से ठप रहा। मजदूर यूनियन परियोजना में जरूरी बदलाव और मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा देने की मांग कर रही हैं।
इस दौरान अंबुजा प्रबंधन, कर्मचारी संघ व भामसं के बीच कई दौर की वार्ता भी हुई। इसमें मृतक के परिजनों को 55 लाख रुपये की राहत राशि देने व मृतक के बेटे को नौकरी देने का भी समझौता कंपनी ने किया। इस समझौते के बावजूद मसला शांत नहीं हुआ और मजदूरों ने कुछ अन्य मांगें कंपनी प्रबंधन के सामने रख दीं। इन पर देर शाम तक कोई निर्णय नहीं हो पाया। निर्णय न होने से मजदूर हड़ताल पर डटे रहे। इससे कंपनी में सीमेंट उत्पादन पूरी तरह ठप रहा।
उधर, वीरवार को कंपनी प्रबंधन व मजदूरों के बीच हुई बातचीत के दौरान मृतक वेज बोर्ड कर्मचारी जगदीश चंद्र पुत्र रामा राम निवासी धुंधन के आश्रितों एक मुश्त मुआवजा राशि 55 लाख रुपये देने पर सहमति बनी। इसमें से एक लाख रुपये की राशि अंबुजा प्रबंधन को नकद प्रदान करनी है। इसके अतिरिक्त अंबुजा सीमेंट में जगदीश चंद के लड़के को पक्की नौकरी देने पर दोनों पक्षों में सहमति बनी।
इस दौरान समझौते में धुंधन ग्राम पंचायत के प्रधान प्रेम चंदेल और उपप्रधान त्रिलोक भी शामिल रहे। जो भी फैसला हुआ वह बाहर बैठे मजदूरों को पढ़कर सुनाया गया। बैठक में भारतीय मजदूर संघ के प्रधान सुरेश ठाकुर, महामंत्री नरेश कुमार, कार्यकारी अध्यक्ष खेमराज शर्मा, उपप्रधान टेकचंद, मदन शर्मा, बलदेव राज, संयुक्त सचिव विनोद शर्मा, सचिव रुपेश, राकेश महाजन, कोषाध्यक्ष सतीश कुमार, सह कोषाध्यक्ष कमल, उमा दत्त उपस्थित रहे।
समझौते के बावजूद हो रहा प्रदर्शन : कंपनी प्रबंधन
कंपनी प्रबंधक अनुपम अग्रवाल ने बताया कि मजदूर की मौत दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। इसके बाद कंपनी प्रबंधन ने मजदूरों से समझौता किया है। इसके तहत 55 लाख और आश्रित को नौकरी देने की बात कही गई है। लेकिन इसके बावजूद मजदूर कुछ अन्य मांगों को लेकर संघर्षरत हैं। उन्होंने कहा कि कंपनी का काम दो दिन से ठप है जिसकी वजह से भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।