सोलन। शामती में जिम प्रशिक्षक की हत्या सोची समझी साजिश के तहत की गई थी। पुलिस गिरफ्त में आ चुके शातिर अपराधियों ने गोलीकांड का सारा सच उगल दिया है। यह तीनों आरोपी सात अगस्त की रात को दिल्ली में सक्रिय अपनी प्रतिद्वंद्वी गैंग के गुर्गे सागर की हत्या का प्लान बनाकर निकले थे। तीनों आरोपी सात अगस्त की सुबह करीब दस बजे कार में चायल के लिए निकले थे। इस दौरान इनके पास एक देसी कट्टा प्वाइंट-3 और पांच राउंड थे। यह सभी अपराधी चायल घूमने के बाद देर गोड़ा-गिरिपुल होते हुए शाम को जब दिल्ली की तरफ जा रहे थे तो शामती के पास उनकी गाड़ी बुलेट मोटरसाइकिल पर सवार जिम प्रशिक्षक लक्की से टकरा गई।
लक्की उनके पीछे बुलेट लेकर दौड़ पड़ा और कुछ दूरी पर उसने गाड़ी के आगे बुलेट खड़ी करके गाड़ी को रुकवा लिया। इसके बाद लक्की ने चालक की सीट पर बैठे चिकू उर्फ हिम्मत को पीटना शुरू कर दिया। चिकू ने उससे छूटने की कोशिश की लेकिन लक्की उसके सिर को लगातार स्टेरिंग पर मारता रहा। इस बीच साइड की सीट में बैठे नवीन दहिया ने चिकू को लक्की पर गोली चलाने को कहा। गाड़ी की अगली सीट में पड़े कट्टे से चिकू ने एक के बाद एक तीन फायर कर दिए। इसमें से दो गोलियां लक्की के सीने में और तीसरी सिर पर लगी। लक्की के मरने के बाद तीनों घटनास्थल से गाड़ी लेकर फरार हो गए। आगे जाकर उनकी गाड़ी एक कूड़ेदान से टकरा गई। इसके बाद आरोपियों ने गाड़ी को वहीं छोड़ दिया और पैदल भाग निकले।
हत्या के बाद बस में फरार हुए थे आरोपी
हत्या करने के बाद आरोपी अपने क्वार्टर पहुंचे और यहां सामान समेटने के बाद दो आरोपी बस में बैठकर फरार हुए। दिल्ली पुलिस की गिरफ्त में आए तीसरे आरोपी का खुलासा नहीं हो पाया कि वह कैसे भागा। यह सभी हरियाणा और दिल्ली में ठिकाने बदल-बदल कर रहते रहे। पुलिस इनकी जानकारी जुटाने में जुटी रही और पता लगते ही सबसे पहले एक आरोपी को हरियाणा और उसके बाद दो अन्य को दिल्ली पुलिस की मदद से गिरफ्तार किया गया।
सोलन को बनाया था छिपने का ठिकाना
सोलन में करीब तीन महीने तक आरोपी अलग-अलग ठिकाने बदल कर रहते रहे। इन आरोपियों ने टैंक रोड और जौणाजी मार्ग पर कमरा ले रखा था। यहां उनकी दोस्ती कुछ स्थानीय युवकों और युवती से भी हुई। यह सभी शातिर बदमाश यहां बिना किसी तनाव के आराम से रह रहे थे। आरोपियों ने सोलन को छिपने का आसान ठिकाना बना लिया था। यह अपराध करने के बाद आसानी से यहां छिपकर रह लेते थे। लेकिन लक्की हत्याकांड ने इन तीनों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।
टोल बैरियर पर अवैध वसूली करती है गैंग
टिल्लू गैंग का मुख्य काम टोल बैरियर पर अवैध वसूली करना था। यह सभी आरोपी टोल देने के लिए खड़ी गाड़ियों से वसूली करते थे। कई बार उन्होंने गाड़ियों को भी लूटा है। चिकू को पुलिस ने फॉर्चूनर गाड़ी के साथ पकड़ा था। इसने बंदूक की नोक पर गाड़ी को लूटा था और वह गाड़ी लेकर फरार हो रहा था, इस बीच पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।