नालागढ़ में स्टेट बैंक के सामने तत्काल मनी ट्रांसफर के कार्यालय में लाखों की गड़बड़ी सामने आई है। कार्यालय के संचालक ने अपने ही कर्मी पर लाखों रुपये के गबन का आरोप लगाया है। अंदेशा जताया है कि कार्यालय कर्मी ने लोगों से खाते में डालने के लिए पैसे तो लिए लेकिन उसे अपनी जेब में डाल लिया और नो दो ग्यारह हो गया। प्रारंभिक चरण में करीब 16 लाख रुपये का गबन सामने आया है।
शिकायत के बाद पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस में दर्ज रिपोर्ट में संचालक अनिल हुड्डा ने बताया कि चार साल पहले उसने नालगाढ़ में स्टेट बैंक के विपरीत एक तत्काल मनी ट्रांसफर का कार्यालय खोला। कार्यालय में कांगड़ा निवासी सुशील कुमार को बतौर कर्मचारी रखा। उसका काम लोगों से नकदी लेकर उनके खाते में ट्रांसफर करना तथा उसकी रजिस्टर में एंट्री करना था। लेकिन मार्केट से करीब 18 लाख एकत्र करके वह गायब हो गया।
दिसंबर 2014 में भी हुई थी शिकायत
दिसंबर 2014 में कुछ लोगों ने उसे शिकायत दी कि उनके खाते में पैसा जमा नहीं हो रहा है। इस पर उसने अपनी कर्मी सुशील से पूछा। सुशील ने बताया कि उसने कुछ पैसा खर्च कर दिया है और कुछ अपने घर दे दिया है। करीब पांच लाख रुपये कम पड़ रहा था। बाद में यह पैसा अपने रिश्तेदारों से उधार लेकर पूरा किया। इसके बाद उसने ठीक से कार्य करना शुरू कर दिया था।
अपैल 2015 में फिर मिली थी शिकायत
अप्रैल 2015 में भी खाता धारकों की शिकायत मिली की उनके खाते में पैसे नहीं गए हैं। इस पर उसने सुशील कुमार से पूछताछ की। सुशील कुमार ने आश्वासन दिया कि वह अपने सगे संबंधियों से पैसा लेकर वापस जमा करवा देगा। लेकिन इस बीच सुशील 27 मई 2015 को लापता हो गया। इसके बाद से वह आज तक वापस नहीं लौटा।
मुकदमा दर्ज जांच शुरू
एसपी बिशेर सिंह ने बताया कि पुलिस ने अनिल कुमार के बयान पर 406 व 420 के तहत मामला दर्जकर छानबीन शुरू कर दी है। अनिल हुड्डा ने बताया कि 6 नवंबर 14 से 12 मई 2015 तक दो लाख 27 हजार सात सौ रुपये जमा करवाए गए हैं।